सेना की गोपनीय जानकारी महिला को भेजने के आरोप में रिटायर्ड कैप्टन गिरफ्तार, वीडियो में जाने WhatsApp के जरिए लीक करने का आरोप

Published on 26 अक्टू॰ 2026

सेना की गोपनीय जानकारी महिला को भेजने के आरोप में रिटायर्ड कैप्टन गिरफ्तार, वीडियो में जाने WhatsApp के जरिए लीक करने का आरोप

तमिलनाडु के वेल्लोर में सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में 52 वर्षीय रिटायर्ड आर्मी अधिकारी बाबू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, बाबू पर आरोप है कि उसने WhatsApp के जरिए एक अज्ञात महिला को सैन्य उपकरणों और भारतीय सेना से संबंधित संवेदनशील जानकारियां भेजीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह गतिविधि पिछले करीब एक साल से चल रही थी।पुलिस के मुताबिक, बाबू वेल्लोर जिले के कीझवल्लम गांव का रहने वाला है। उसने भारतीय सेना की अलग-अलग शाखाओं में करीब 28 साल तक सेवा दी थी। पिछले साल वह सेना की इक्विपमेंट डिवीजन में कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुआ था। रिटायरमेंट के बाद वह अपने गांव में रहने लगा था।

कनियामबाड़ी पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले एक अज्ञात महिला ने बाबू से WhatsApp के जरिए संपर्क किया था। आरोप है कि महिला ने शुरुआत में निजी और अनुचित बातचीत के माध्यम से उससे नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद वह धीरे-धीरे भारतीय सेना और सैन्य उपकरणों से संबंधित जानकारी मांगने लगी।जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, बाबू महिला की ओर से मांगी गई जानकारी उसे भेज देता था। बताया जा रहा है कि जब उसे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं होती थी, तो वह फोन के जरिए सेना के कार्यालयों से संपर्क कर जानकारी जुटाने की कोशिश करता था। इसके बाद वह प्राप्त जानकारी महिला के साथ साझा कर देता था।पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि महिला कौन थी, वह किस उद्देश्य से जानकारी मांग रही थी और बाबू की ओर से वास्तव में किस तरह की सूचनाएं साझा की गईं।

एक साल से गतिविधियों पर था शक

जानकारी के मुताबिक, बाबू की गतिविधियों को लेकर पिछले एक साल से सेना के अधिकारियों को संदेह था। इसके बाद मामले की जांच में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद ली गई। अधिकारियों ने बाबू से आमने-सामने पूछताछ की, ताकि उसके संपर्कों और कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।बताया गया है कि केंद्रीय खुफिया अधिकारियों ने बाबू को 23 अक्टूबर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और कथित तौर पर साझा की गई जानकारियों की जांच किए जाने की बात सामने आई है।

महिला की पहचान और जानकारी के इस्तेमाल की जांच

इस मामले में जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल अज्ञात महिला की पहचान और उसके वास्तविक उद्देश्य का है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला ने बाबू से कौन-कौन सी जानकारियां मांगी थीं और क्या इन सूचनाओं का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या संगठन ने किया।

सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का अनधिकृत रूप से साझा किया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि, इस मामले में जानकारी लीक होने की वास्तविक सीमा, संबंधित सूचनाओं की संवेदनशीलता और संभावित नुकसान के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।फिलहाल, पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मामले की विभिन्न कड़ियों की जांच कर रही हैं। जांच में अज्ञात महिला की पहचान, बाबू के संपर्कों और कथित तौर पर साझा की गई सूचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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