अंधेरी से माटुंगा तक फैला 'एसआरए' घोटाले का नेटवर्क: 47 ग्राहकों से ऐंठे करोड़ों रुपये, पुलिस जांच शुरू| Navbharat Live

Published on 3 अग॰ 2026

Updated On: Aug 03, 2026 | 03:51 PM IST

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सार

Mumbai SRA Flat Scam: मुंबई में SRA के PAP फ्लैट दिलाने के नाम पर 5.57 करोड़ रुपये की ठगी। 47 ग्राहकों से ठगी के आरोप में FIR दर्ज, मुंबई पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

Mumbai SRA PAP Flats Fraud

SRA घोटाला की जांच करती मुंबई पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)

विस्तार

Mumbai SRA PAP Flats Fraud: आर्थिक राजधानी मुंबई में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के प्रोजेक्ट अफेक्टेड पर्सन (PAP) फ्लैट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने शिकायत के आधार पर लगभग 5.57 करोड़ रुपये की कथित ठगी के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मामला (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता आकाश राधेश्याम सोनी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम वर्ष 2017 से शुरू हुआ था, जब वह अपने कारोबारी साझेदार के साथ रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम कर रहे थे। शिकायत करने वाले राधेश्याम सोनी ने बताया कि मामले में 47 लोग ठगे गए हैं।

SRA अधिकारियों से पहुंच का दावा कर 47 ग्राहकों को बनाया शिकार

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि रियल एस्टेट बिजनेस के दौरान उनकी मुलाकात मुख्य आरोपी शैलेश काकण और उसके सहयोगियों से हुई थी। आरोपियों ने खुद को स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों का करीबी बताया। उन्होंने मुंबई के अंधेरी, सांताक्रूज, बांद्रा, कांदिवली और माटुंगा जैसे प्रमुख इलाकों में सस्ती दरों पर PAP फ्लैट उपलब्ध कराने का लालच दिया।

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आरोपियों ने अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए प्रति फ्लैट 15 लाख से 28 लाख रुपये तक का रेट तय किया। शिकायतकर्ता और उनकी कंपनी के जरिए कुल 47 ग्राहकों ने फ्लैट बुकिंग के लिए पैसे दिए। इस तरह किस्तों, टोकन अमाउंट, चेक और RTGS के माध्यम से कुल 5 करोड़ 57 लाख 50 हजार रुपये जुटाकर आरोपियों को सौंप दिए गए।

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फर्जी लेटरहेड, एनओसी और बिजली बिलों से जीता भरोसा

ग्राहकों और शिकायतकर्ता को झांसे में रखने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। उन्होंने SRA के फर्जी लेटरहेड पर तैयार किए गए अलॉटमेंट लेटर, ऑर्डर कॉपी, कलेक्टर ऑफिस से जुड़े दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी के पत्र, सोसायटी की NOC, बिजली बिल और अन्य फर्जी सरकारी रिकॉर्ड थमा दिए।

वर्ष 2024 में जब शिकायतकर्ता ने इन दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) सीधे SRA के वरिष्ठ अधिकारियों से कराया, तो जांच में सभी दस्तावेज फर्जी और सरकारी रिकॉर्ड से पूरी तरह बेमेल पाए गए। इसके तुरंत बाद पुलिस का दरवाजा खटखटाया गया।

शिवसेना नेता के पूर्व पीएस का नाम भी शामिल

धोखाधड़ी का यह मामला तब और हाई-प्रोफाइल हो गया जब शिकायत में राजनीतिक संपर्क वाले लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने शैलेश काकण, रूपेश वेलेंकर, अभिषेक गुजर और विश्वनाथ जाधव समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी विश्वनाथ जाधव ने अकेले 25 लाख रुपये लेकर फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया था। दावा किया गया है कि विश्वनाथ जाधव पूर्व में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एक एमएलसी (MLC) के पर्सनल सेक्रेटरी रह चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के एक सांसद के पीएस के रूप में कार्यरत हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ फर्जीवाड़े और आपराधिक साजिश का केस दर्ज कर पड़ताल कर रही है।

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