गोरखपुर46 मिनट पहले
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विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या कम हो गई है। जिसका प्रभाव बूथों की गणित पर भी पड़ा है। पहले SIR के साथ ही जहां बूथों की संख्या में इजाफा दर्ज किया जा रहा था, वहीं अब नए सत्यापन के बाद यह संख्या घट गई है। जिले में ल्रभग 61 बूथ कम हो रहे हैं। इसको लेकर प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। वहां से संस्तुति मिलने के बाद नए बूथों की संख्या जारी कर दी जाएगी। पहले एक बूथ पर 1500 मतदाताओं को मतदान के लिए व्यवस्था बनाई जाती थी। लेकिन अब यह संख्या घटाकर 1200 कर दी गई है। SIR के बाद इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। मतदाताओं की संख्या कम होने से बूथ की संख्या में भी कमी देखी जा रही है।
SIR सूची जारी होने के समय लगभग 4047 बूथ इस जिले में थे। अब जो नया प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा गया है, उसमें बूथों की संख्या 3986 अंकित की गई है। इधर, चुनाव की तैयारी को देखते हुए विभाग बूथों पर मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन करा रहा है। बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और एप्रोच मार्ग की स्थिति देखी जा रही है। जहां कमियां मिलेंगी, वहां सुधार कराया जाएगा।

1450 नए कंट्रोल यूनिट गोरखपुर को मिले
निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की तैयारी शुरू की जा चुकी है। जिलों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) भेजा जा रहा है। इसके तहत गोरखपुर जिले को 1450 कंट्रोल यूनिट मिली है। इसी के जरिए पीठासीन अधिकारी वोट देने को अधिकृत करता है और वोट भी इसी में दर्ज होता है। इससे पहले से भी जिले में 4632 कंट्रोल यूनिट उपलब्ध है। इसके साथ ही 10 हजार 125 बैलेट यूनिट भी पहले से उपलब्ध है। बैलेट यूनिट, वह मशीन होती है, जिसपर बटन दबाकर मतदाता वोट देते हैं। जल्द ही भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के इंजीनियर मशीनों के पहले चरण की जांच के लिए गोरखपुर आएंगे।
इधर, चुनाव को देखते हुए मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके लिए जिले से 5 मास्टर ट्रेनर को पहले प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण से आने के बाद वे यहां ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। ट्रेनरों के माध्यम से कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश ने बताया कि निर्वाचन कार्यालय के निर्देश के अनुसार प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित बूथों की नई संख्या निर्वाचन आयोग को भेजी गई है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद वास्तविक संख्या स्पष्ट हो जाएगी।
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