लखनऊ में अखिलेश यादव के सामने नीतू मैम के तीखे बयान के बाद उनके राजनीति में आने की चर्चा तेज है। जानिए कौन हैं नीतू सिंह और क्या है उनके चुनाव लड़ने का सच।
लखनऊ के एक मंच पर शिक्षा और रोजगार की बात करते-करते दिल्ली की मशहूर इंग्लिश टीचर नीतू सिंह यानी नीतू मैम ने ऐसा सियासी तीर छोड़ा कि चर्चा अब उनके अगले कदम पर होने लगी है। समाजवादी पार्टी के शिक्षक-अभ्यर्थी संवाद में अखिलेश यादव की मौजूदगी के बीच उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए और 2013 की लैपटॉप योजना का जिक्र करते हुए आज के दौर पर तीखा तंज कसा।
अखिलेश के सामने नीतू मैम ने क्या कहा?
3 अक्टूबर को लखनऊ में हुए संवाद कार्यक्रम में नीतू सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ खड़े होने के दौरान कई बार उनका सरकार से टकराव हो जाता है। उन्होंने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की लैपटॉप योजना का जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए ‘पर्ची वाला बाबा’ और ‘पाखंड-चमत्कार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने शिक्षक भर्ती और युवाओं के रोजगार से जुड़े सवाल भी उठाए। नीतू सिंह ने परीक्षा कैलेंडर और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की।
यह भी पढ़ें: Noida Supernova Case: पिता से आखिरी चैट में क्या कहा था संभव ने? पुलिस खंगाल रही मोबाइल
क्या नीतू मैम लड़ेंगी चुनाव?
यही सवाल अब सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। हालांकि, नीतू सिंह के चुनाव लड़ने या समाजवादी पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने की कोई घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल उनके राजनीति में आने की खबर को अटकल से आगे नहीं माना जा सकता। इतना जरूर है कि शिक्षक-अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता पहले से चर्चा में रही है।
SSC विवाद में भी छात्रों के साथ आई थीं
अगस्त 2025 में SSC परीक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान नीतू सिंह ने अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज उठाई थी। उस दौरान उनके पुलिस हिरासत में लिए जाने और तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई थीं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दों पर उनकी सार्वजनिक सक्रियता उनके मौजूदा प्रभाव का अहम हिस्सा है।
झारखंड से दिल्ली तक बनीं 'नीतू मैम'
गिरिडीह, झारखंड से आने वाली नीतू सिंह ने पढ़ाई के साथ ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया था। बाद में दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों के बीच उनकी पहचान बनी। उन्होंने 2015 में KD Campus की शुरुआत की और अंग्रेजी विषय से जुड़ी अपनी किताबों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंच बनाई। यही वजह है कि उनका राजनीतिक मंच पर खुलकर बोलना अब केवल एक भाषण तक सीमित चर्चा नहीं रह गया है।
Scroll to load tweet…
नवीन शर्मा के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
सपा के मंच पर नीतू मैम की मौजूदगी ऐसे समय हुई है जब पार्टी शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हालिया संवाद में अखिलेश यादव ने भी सरकार बनने पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर और आउटसोर्सिंग खत्म करने जैसे वादे किए हैं।
बुलंदशहर के शिक्षक नवीन शर्मा के सपा से जुड़ने के बाद उनके संभावित चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा भी चल रही है। ऐसे में अब नीतू मैम के बयान ने एक नया सवाल जरूर खड़ा कर दिया है, क्या वह सिर्फ छात्रों की आवाज बनकर रहेंगी या 2027 की यूपी राजनीति में खुद भी कोई भूमिका निभाएंगी? इसका जवाब फिलहाल उनके अगले कदम से ही मिलेगा।
यह भी पढ़ें: मोकामा में शुरू हुआ वो रेल पुल, जिसका था लंबे समय से इंतजार; अब 3 लाइन से दौड़ेंगी ट्रेनें
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।