कुशवाहा के तीन विधायक हो गए बागी? RLM अध्यक्ष बोले- नशे में मदहोश हो गए हैं लोग..

Published on 5 अक्टू॰ 2026

Bihar Politics: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले एनडीए के भीतर घमासान बढ़ता दिख रहा है। सारण शिक्षक सीट पर रालोमो के तीन विधायकों ने NDA के JDU उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ अपनी ही पार्टी के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा को समर्थन दिया है। एमएलसी चुनाव को लेकर पार्टी में हुए दो फाड़ पर आया उपेंद्र कुशवाहा का बयान आया है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि कोई कुछ कर ले लेकिन जीत एनडीए की ही होगी। उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार की सब जगह जीत होगी। अब कौन कहां जा रहा है, इसका कोई मतलब नहीं बनता है। जब से इस चुनाव की शुरूआत हुई है, एनडीए हो या महागठबंधन.. पूरे राजनीतिक वातावरण में ही नशा घुल गया है।

उन्होंने कहा कि इस नशे में कोई कहीं मदहोश हो जा रहा है। लेकिन उसकी तरफ ध्यान नहीं दीजिए। एनडीए के उम्मीदवार की जीत होगी। मीडियाकर्मियों ने जब कुशवाहा से पूछा कि क्या ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी? इसपर कुशवाहा ने कहा कि पूरी जानकारी के बाद ही कुछ बता पाएंगे।

बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ रालोमो के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा को पार्टी के तीन विधायकों का समर्थन मिलने से गठबंधन के भीतर नई चर्चा शुरू हो गई है। रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह, मधुबनी विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो के रामपुकार सिन्हा के समर्थन में आने की बात सामने आई है।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू ने आनंद पुष्कर को एनडीए उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। ऐसे में गठबंधन के घटक दल रालोमो के तीन विधायकों का उसी गठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे रामपुकार सिन्हा को समर्थन देना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे चुनावी मैदान के साथ-साथ एनडीए के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

रामपुकार सिन्हा रालोमो के प्रदेश महासचिव हैं और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी के ही तीन विधायकों के उनके समर्थन में आने से मुकाबला और चर्चा में आ गया है। रालोमो के भीतर विधायकों की नाराजगी की चर्चा नई नहीं है। इससे पहले भी दिनारा विधायक आलोक सिंह, मधुबनी विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो को लेकर पार्टी नेतृत्व से मतभेद की बातें सामने आती रही हैं।