Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद 19 लोगों की मौत हुई है. इस हादसे में 35 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सरकार और स्थानीय प्रशासन घायलों के हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बारे में जानकारी ली है. वहीं हादसा कैसे हुए इसको लेकर मौके पर मौजूद एक महिला ने रो-रोकर बताया है. महिला ने जो बताया वो बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है.
हादसे को लेकर लगातार लापरवाही और सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. चश्मदीदों ने बताया कि बारिश होने की वजह से भगदड़ मची. उन्होंने बताया कि बारिश जैसे ही शुरू हुई अंदर जाने के लिए लाइन में खड़े लोग एकदम से अंदर जाने लगे, जिससे स्थित अनियंत्रित हो गई और भगदड़ मच गई. अंदर जाने वाले गेट पर लोगों की संख्या अधिक होने की वजह से गेट के एक हिस्सा टूट गया. इस दौरान अंदर से जो लोग बाहर आ रहे थे, वो भी सामने आ गए. अंदर जाने का रास्ता बहुत सकता था.
नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
ऐसे में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए थे. वहीं एक महिला ने बताया कि वो अपने कुछ साथिओं के साथ दुर्गा पूजा देखने के लिए आई थी. इस दौरान उसके कुछ दोस्त भगदड़ का शिकार हो गए. महिला ने कहा कि मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं थी, पुलिस को तैनाती नहीं थी. न ही लोगों की सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम किए गए थे. वहीं एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि हादसा शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर हुआ.
क्या सकरा रास्ता बना मुसीबत?
चोरबागान सर्वजनिन के संस्थापक प्रीतम सरकार का हादसे को लेकर बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग अंदर घुस गए. व्यवस्था की गई थी कि एक समय में केवल सीमित संख्या में ही लोगों को प्रवेश दिया जाए. दबाव के कारण पंडाल का एक हिस्सा गिर गया, जिसके बाद भगदड़ मची. उन्होंने कहा कि कम रोशनी के कारण अंधेरा थी. उजाले वाले क्षेत्र से अंधेरे वाले क्षेत्र में आने-जाने के लिए एक ही सड़क का उपयोग किया गया है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ गई.

वहीं, अब सवाल उठता है कि पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए कई स्वयंसेवक तैनात थे. लेकिन बारिश के दौरान वे कहां थे? पुलिस भीड़ को क्यों नहीं संभाल पाई? स्थानीय निवासियों ने पूजा आयोजकों के प्रबंधन और पुलिस की भूमिका पर अपना गुस्सा व्यक्त किया है.

आशू मोहम्मद
राजनीति से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी, नई चीजों को पढ़ने और सीखने की ललख, पाठकों के सामने सरल भाषा व शब्दों में देश दुनिया से जुड़ी खबरों को परोसने का काम टीवी9 के साथ जारी है. वहीं अगर इससे पहले की बात की जाए तो कानपुर में जन्मे आशू मोहम्मद ने साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर, टीवी9 भारतवर्ष से 2022 में करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में करीब एक साल का अनुभव, अभी तक यह सिलसिला टीवी9 भारतवर्ष के साथ जारी है. डिजिटल मीडिया की दुनिया में लिखने-पढ़ने, साथ ही 'न्यू मीडिया' की बारीकियों और चुनौतियों को समझने की कोशिश जारी है.
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