Ranchi : झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह सोमवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में हुआ, जिसमें राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. दीक्षांत समारोह में 207 सफल विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान दी गई. वहीं विभिन्न संकायों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले पांच मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल भी दिया गया.
समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ विशिष्ट अतिथि और उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान के निदेशक व सेवानिवृत्त आईपीएस जीके गोस्वामी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे. इसके अलावा कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति राहुल पुरवार, रजिस्ट्रार डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत सहित शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और उनके अभिभावक मौजूद रहे.
दीक्षांत समारोह में युवाओं से तकनीकी दक्षता, वैज्ञानिक सोच और नैतिक मूल्यों के साथ राष्ट्र सेवा में योगदान देने का आह्वान किया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक यात्रा का पड़ाव नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा की नई जिम्मेदारी की शुरुआत है.
उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और गुरुजनों को बधाई देते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं में देश सेवा का स्वाभाविक उत्साह और चुनौतियों का सामना करने का साहस रहा है. इस ऊर्जा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक कौशल से जोड़कर सही दिशा देने की जरूरत है.
राज्यपाल ने कहा कि आज सुरक्षा व्यवस्था के सामने साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी, डेटा सुरक्षा, वित्तीय अपराध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग, डीपफेक, वॉयस क्लोनिंग, भ्रामक सूचनाओं और साइबर हमलों जैसी नई चुनौतियां हैं. इनसे निपटने के लिए युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विश्लेषण क्षमता और निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी होगी.
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को तकनीक को अपनी शक्ति और विवेक को अपना मार्गदर्शक बनाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल कानून, मानव गरिमा, नागरिक अधिकार और निजता का सम्मान करते हुए होना चाहिए.

मेधावी छात्रों के साथ राज्यपाल व रक्षा राज्य मंत्री
साइबर अपराध के लिए नहीं, रोकथाम के लिए जाना जाए झारखंड
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के किसी जिले या क्षेत्र की पहचान साइबर अपराध से नहीं जुड़नी चाहिए. जब देश में साइबर अपराध की रोकथाम की चर्चा हो तो झारखंड का नाम अग्रणी राज्यों में लिया जाना चाहिए. उन्होंने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
संतोष कुमार गंगवार ने विश्वविद्यालय में साइबर अपराध, अपराध मनोविज्ञान, महिला एवं बाल सुरक्षा, वित्तीय अपराध, नशीले पदार्थों की रोकथाम, आपदा प्रबंधन और आधुनिक पुलिसिंग जैसे विषयों पर समाधानपरक शोध को बढ़ावा देने की जरूरत बताई.
उन्होंने पुलिस प्रशासन, रक्षा संस्थानों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के साथ अकादमिक संबंध मजबूत करने और विद्यार्थियों को फील्ड ट्रेनिंग, इंटर्नशिप व केस स्टडी के अधिक अवसर देने पर जोर दिया.

सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले पांच मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया
मनोहर पर्रिकर की सोच को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की आधारशिला पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर ने रखी थी. उनकी सादगी, कर्मठता और राष्ट्र सेवा की भावना विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणास्रोत है. विश्वविद्यालय को सुरक्षा शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान मजबूत करने की दिशा में लगातार काम करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है. सुरक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षित युवा देश के विकास के लिए जरूरी सुरक्षा, स्थिरता और विश्वास का वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता मिलने पर विनम्र रहें और चुनौतियों के समय अपने नैतिक मूल्यों से समझौता न करें.
युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना रखने का आह्वान : संजय सेठ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए खुला आकाश है और वे जितनी ऊंची उड़ान भरना चाहें, भर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कार्यक्षेत्र में युवाओं को नवाचार की जरूरत होगी और इसके लिए ऊर्जा, सोच और कुछ नया करने की इच्छा जरूरी है.
उन्होंने युवाओं से भविष्य में कितनी भी प्रतिष्ठा हासिल करने के बावजूद ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना बनाए रखने का आह्वान किया. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल क्रांति के दौर में युवाओं से अपनी क्षमताओं का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने की अपील की.
संजय सेठ ने युवाओं को कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार से दूर रहने की सलाह दी. साथ ही नशा मुक्त भारत के अभियान में भी युवाओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.