चंडीगढ़ में घर मालिकों को आज बड़ी छूट संभव: नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी देगा हाउसिंग बोर्ड; लिफ्ट-सोलर पैनल में भी राहत - Chandigarh News

Published on 16 सित॰ 2026

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के 65 हजार अलॉटियों को आज बड़ी राहत मिल सकती है। इसको लेकर बोर्ड की आज मीटिंग हो रही है, जिसमें 545 पेज का एजेंडा रखा जाएगा। जिसमें इंडिपेंडेंट मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव को मंजूरी दी जा सकती है।

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इसके अलावा फ्लैट्स में लिफ्ट और सोलर पैनल के नियम भी आसान किए जा सकते हैं। रेंट में देरी वालों को भी राहत मिल सकती है।

बोर्ड की मीटिंग में एजेंडा पास होने के बाद इसे अफसरों को भेजकर लागू करा दिया जाएगा। इतना जरूर है कि सरकारी जमीनों में किसी को भी अतिरिक्त निर्माण की छूट नहीं दी जाएगी।

1. बैंकयार्ड में स्टोर या कमरे को मंजूरी संभव शहर के करीब 2300 इंडिपेंडेंट मकानों में अलॉटियों की ओर से किए गए या किए जाने वाले नीड बेस्ड बदलावों को लेकर सिफारिशों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसमें मकानों के इंटरनल चेंजेज और बैकयार्ड में स्टोर या कमरा बनाने जैसे बदलाव शामिल हैं। हालांकि, बदलावों के दौरान स्ट्रक्चरल सेफ्टी, फायर सेफ्टी और वेंटिलेशन से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत इन सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

2. फ्लैट्स में लिफ्ट लगाने का रास्ता होगा साफ CHB के फ्लैट्स में अलॉटी अपनी सुविधा के अनुसार लिफ्ट लगवा सकेंगे। इसके लिए नियम तय किए जा चुके हैं। हाल ही में प्रशासक के समाधान शिविर में CHB के CEO ने भी लिफ्ट लगाने से जुड़े नियमों की जानकारी दी थी। लिफ्ट लगाने से पड़ोसी अलॉटी को परेशानी नहीं होनी चाहिए और इससे बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

3. सोलर पैनल के लिए CHB से NOC नहीं लेना होगा केंद्र सरकार की PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत CHB मकानों की छतों पर सोलर फोटोवोल्टिक पैनल लगाना आसान होगा। इसके लिए CHB से पूर्व अनुमति या NOC लेने की जरूरत नहीं होगी। अलॉटी छत पर अपने आनुपातिक हिस्से में सोलर पैनल लगा सकेंगे। आपसी सहमति से कोई अलॉटी दूसरे अलॉटी को भी अपने हिस्से की छत पर पैनल लगाने की जगह दे सकता है। हालांकि, सोलर पैनल लगाने की आड़ में छत पर पक्का कमरा, शेड या अन्य निर्माण नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करने पर इसे वॉयलेशन माना जाएगा।

4. 10 हजार से ज्यादा डिफॉल्टरों को राहत CHB में किस्त या ग्राउंड रेंट के भुगतान में 3 महीने से ज्यादा की देरी होने पर अलॉटमेंट रद्द करने और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। अब अधिकारियों को एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल पावर का डेलिगेशन देने का प्रस्ताव है। इसके बाद विशेष परिस्थितियों में CHB अधिकारी तय पेनल्टी और ब्याज वसूलकर 3 महीने से अधिक देरी से किया गया भुगतान भी स्वीकार कर सकेंगे।इससे रेंट या किस्त के डिफॉल्टर चल रहे 10 हजार से ज्यादा अलॉटियों की प्रॉपर्टी जब्त होने का खतरा टल सकता है।

लोग दिल्ली पैटर्न पर वन टाइम राहत चाहते हैं CHB मकान मालिक लंबे समय से दिल्ली की तर्ज पर वन टाइम राहत की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि कई बदलाव दशकों पुराने हैं और अब इन्हें हटाना परिवारों के लिए मुश्किल है। वह इन बदलावों को नियमित कराने के लिए निर्धारित शुल्क या कंपाउंडिंग चार्ज देने को भी तैयार हैं।

CHB के मकानों में नीड बेस्ड चेंज की नीति पहले भी कई बार बदली जा चुकी है। 2010, 2015, 2016, 2019 और 2023 में अलग-अलग बदलाव किए गए। इसी वजह से कई ऐसे निर्माण भी विवाद में आ गए, जिन्हें पहले की नीतियों के तहत अनुमति मिली थी।

25% से ज्यादा आबादी CHB मकानों में चंडीगढ़ के अलग-अलग सेक्टरों में CHB के करीब 62-66 हजार मकान हैं। इनमें शहर की 25% से ज्यादा आबादी रहती है। ऐसे में बोर्ड की बैठक में होने वाला फैसला सिर्फ मकान मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर की बड़ी आबादी को प्रभावित करेगा। सोलर सिस्टम की मंजूरी मिलने से बिजली खर्च कम करने के साथ मकान मालिकों को वैकल्पिक ऊर्जा का लाभ मिलेगा।