संसद में बने कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगी सोनिया गांधी? वंदे मातरम् विवाद पर भड़की स्मृति ईरानी
Aug 21, 2026 08:39 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Smriti Irani Sonia Gandhi: भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब किसी कानून को संसद द्वारा पारित किया गया है, तो क्या सोनिया गांधी के पास इतना अधिकार है कि वह उसे कूड़े दान में फेंक दें?

स्मृति ईरानी ने वंदे मातरम् विवाद में सोनिया गांधी पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी की नव नियुक्त राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस कार्यालय में हुए 'वंदे मातरम्' के कथित अपमान को लेकर हमला तेज करते हुए कहा कि वंदे मातरम् को कितना सम्मान दिया जाएगा, कितना नहीं यह कांग्रेस अभी कैसे तय कर सकती है? उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 1950 में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि जितना सम्मान 'जन गण मन' को दिया जाता है। उतना ही सम्मान वंदे मातरम् को भी दिया जाना चाहिए।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी के ऊपर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आखिर सोनिया गांधी संसद से पारित किसी कानून का अपमान कैसे कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "क्या आप मुझे यह बता रहे हैं कि जब भारत की संसद किसी खास मुद्दे पर अपनी राय देती है। या उस पर कानून बनाती है, तो क्या सोनिया गांधी के पास यह अधिकार है कि वह उस कानून को कूड़ेदान में फेंक दें?"
सोनिया गांधी के गुस्से पर स्मृति ईरानी का सवाल
स्मृति ईरानी ने वंदे मातरम् पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी द्वारा दिखाए गए गुस्से को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा वंदे मातरम् के अंतिम पद न गाने को लेकर भी सवाल किया। कांग्रेस कार्यालय के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि आखिर सोनिया गांधी को देवी दुर्गा या देवी लक्ष्मी से क्या समस्या है? उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के अंतिम पदों में मां बारती को ज्ञान, शक्ति और पोषण का स्त्रोत कहा गया है। उन्हें राष्ट्र धर्म के प्रतीक के रूप में दिखाते हैं।
कांग्रेस पार्टी के इन पदों पर रुख की आलोचना करते हुए ईरानी ने कहा कि आखिर कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी को मां भारती को ज्ञान और शक्ति के स्त्रोत के रूप में दिखाए जाने से कोई समस्या क्यों हैं?
वंदे मातरम् पर कांग्रेस का क्या तर्क?
यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ था, जब कांग्रेस कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम् गाया गया, इस पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी आपत्ति लेते हुए नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। कुछ ही समय के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 1937 में कमेटी के प्रस्ताव के आधार पर अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो ही पदों को गाएगी।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर अड़ने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 1937 में वंदे मातरम् का विरोध करके जिन लोगों ने जिन्ना के रास्ते पर चलना चाहा। वह आजादी के बाद पाकिस्तान चले गए। आजादी में वंदे मातरम् युद्ध घोष के रूप में पहचाना गया। स्मृति ने जोर देकर कहा कि यह केवल कांग्रेस सदस्यों तक सीमित नहीं है।
