‘दिमागी नक्सलवाद’ पर कांग्रेस को घेरा, केंद्र सरकार की सराहना
August 21, 2026

Congress targeted over ‘intellectual Naxalism’ : शिमला। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रो. (डॉ.) सिकंदर कुमार ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला किया और कहा कि तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति ने कट्टर वामपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सलवाद’ और ‘जीरो टॉलरेंस’ के संदेश का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुकाबला केवल हथियारों के जरिए नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की सख्त नीति और प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों से नक्सलवाद का प्रभाव लगातार कमजोर हुआ है।
कट्टर वामपंथी विचारधारा को विभिन्न माध्यमों से आगे बढ़ाने वाले नेटवर्क के प्रति भी देश को सतर्क रहने की आवश्यकता है। डॉ. सिकंदर कुमार ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दशकों तक सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस ने वोट बैंक, तुष्टिकरण और संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के कारण कट्टरपंथी वामपंथी विचारों के प्रति आवश्यकता से अधिक नरम रवैया अपनाया। इसका परिणाम यह हुआ कि देश और संविधान के खिलाफ हिंसक विचारधारा को वैचारिक समर्थन देने वाले तत्वों को विभिन्न मंचों पर स्थान मिलता रहा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस ‘दिमागी नक्सलवाद’ अथवा ‘अर्बन नक्सल’ की चुनौती की ओर देश का ध्यान आकर्षित किया है, उसे गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। नक्सलवाद को केवल बंदूक और जंगल के नजरिए से देखना पर्याप्त नहीं है। हिंसा को वैचारिक समर्थन देने, लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और युवाओं को कट्टरपंथी विचारों की ओर धकेलने वाली प्रवृत्तियां भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा, “कांग्रेस को देश को जवाब देना चाहिए कि जब भी सुरक्षा एजेंसियों ने कट्टर वामपंथी और नक्सल समर्थक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की, तब कांग्रेस के अनेक नेता कार्रवाई पर सवाल खड़े करने में इतनी जल्दी क्यों दिखाते रहे?
मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण संवैधानिक मूल्य हैं, लेकिन उनकी आड़ में हिंसा अथवा संविधान विरोधी गतिविधियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों को भी राजनीतिक चश्मे से देखा। देश की सुरक्षा और अखंडता से जुड़े विषयों पर राजनीति के बजाय सभी दलों का स्पष्ट और एकजुट रुख होना चाहिए। मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति राज्यसभा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की स्पष्ट नीति अपनाई है।