'चिकन नेक' की सुरक्षा पर जोर, तीन बेस बनकर तैयार; अमित शाह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

Published on 21 अग॰ 2026

'चिकन नेक' की सुरक्षा पर जोर, तीन बेस बनकर तैयार; अमित शाह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

Aug 21, 2026 04:48 pm ISTवार्ता

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अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए जमीन की सबसे ज्यादा जरूरत थी और इसके लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 560 एकड़ जमीन सौंप दी है। पिछली सरकार में बार-बार अनुरोध करने के बावजूद जमीन नहीं मिली।

Amit Shah says Three bases set up to strengthen the security of Chicken Neck

SSB मुख्यालय में कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर बंगाल में रणनीतिक रूप से अहम 'चिकन नेक' गलियारे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। पश्चिम बंगाल की यात्रा पर आए शाह ने सिलीगुड़ी के रानीडांगा में सशस्त्र सीमा बल के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले इस संकरे कॉरिडोर की सुरक्षा के महत्व को पूरी तरह से समझा है। उन्होंने कहा कि तीन अहम जगहों पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में चोपड़ा, बिहार में किशनगंज और असम में धुबरी से सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं। इन जगहों पर पहले ही बेस बनाए जा चुके हैं।

अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए जमीन की सबसे ज्यादा जरूरत थी और इसके लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 560 एकड़ जमीन सौंप दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान बार-बार अनुरोध करने के बावजूद जमीन नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद बीएसफ और एसएसबी के लिए ढांचागत सुविधाएं और ठिकाने बनाने के लिए 45 दिनों के भीतर 1,129 एकड़ जमीन सौंप दी गई। शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की भी तारीफ की और भाजपा सरकार को चुनने के लिए पश्चिम बंगाल के लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि जनादेश के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा एक अहम वजह थी।

ममता बनर्जी पर अमित शाह ने साधा निशाना

पहली बार एसएसबी के कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी को ऐसे कार्यक्रमों में कई बार बुलाया गया था, लेकिन वह शामिल नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ और एसएसबी के कार्यक्रमों से दूर रहने की कोई वजह नहीं है क्योंकि ये दोनों बल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम करते हैं, न कि किसी राजनीतिक हित के लिए। वंदे मातरम के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस ऐतिहासिक गीत के जरिए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचार को बढ़ावा दिया था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल किया है और उम्मीद जताई कि अगली पीढ़ी स्कूल स्तर से ही यह गीत सीखेगी और इससे देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रेरणा लेगी।

अमित शाह ने सिलीगुड़ी के पास रानीडांगा में सशस्त्र सीमा बल के लगभग 190 करोड़ रुपये के कई बुनियादी ढांचे वाली परियोजना की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का मकसद एसएसबी के ढांचे को मजबूत करना, आधुनिक बनाना और इसके जवानों के लिए सुविधाओं में सुधार करना है। शाह ने रानीडांगा में एसएसबी के एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने रणनीतिक रूप से अहम 'चिकन नेक' कॉरिडोर में सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार के कदमों के बारे में बात की।