पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन को लेकर लोकसभा में सुरेश कश्यप ने उठाई आवाज, जल्द पूरा करने की मांग
August 14, 2026

शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में नियम 377 के तहत पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ सड़क मार्ग की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण परियोजना की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र को हरियाणा एवं चंडीगढ़ से जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों की जीवनरेखा है, इसलिए इसका निर्माण शीघ्र पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
कश्यप ने कहा कि बीबीएन एशिया के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। इस क्षेत्र में 2,000 से अधिक उद्योग संचालित हैं और प्रतिदिन लगभग 30,000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा प्रभाव उद्योगों के साथ-साथ आम नागरिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने लोकसभा में कहा कि पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ सड़क के चार लेन निर्माण कार्य का शुभारंभ अप्रैल 2022 में हुआ था और इसे सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। परियोजना की प्रारंभिक लागत लगभग ₹556 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग ₹650-670 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक परियोजना अधूरी है।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि लगभग 40-45 प्रतिशत कार्य होने के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा काम छोड़ दिए जाने और बार-बार निविदा प्रक्रिया बाधित होने से परियोजना के निर्माण में करीब एक वर्ष का ठहराव आया है। यह स्थिति बीबीएन जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सड़क पर गहरे गड्ढे, अधूरी लेन, जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उद्योगों से जुड़े वाहनों की आवाजाही में देरी होने से औद्योगिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि बीबीएन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इतने बड़े औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क परियोजना का लंबे समय तक अधूरा रहना उचित नहीं है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ चार लेन परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना सुनिश्चित की जाए और निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करवाया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उद्योगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।
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