लखनऊ में 68,500 शिक्षक अभ्यर्थियों ने राजभर का आवास घेरा: बोले- राजभर चाचा न्याय करो, पुलिस से धक्का-मुक्की; सड़क पर लगा भीषण जाम - Lucknow News

Published on 28 सित॰ 2026

लखनऊ1 घंटे पहले

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लखनऊ में सोमवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया। वे उनके दरवाजे पर बैठ गए और ‘राजभर चाचा न्याय करो’ के नारे लगाए। नियुक्ति की मांग को लेकर करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की गई। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से हटाकर ईको गार्डन भेज दिया। उन्होंने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया।

प्रदर्शन के कारण सीएम आवास से लालबत्ती चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर भीषण जाम लग गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को टांगकर वहां से ले गई।

प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए…

प्रदर्शनकारियों को पुलिस टांगकर ले गई।

प्रदर्शनकारियों को पुलिस टांगकर ले गई।

प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए।

68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया।

68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया।

‘मंत्री-अधिकारियों ने घोटाला माना’

प्रदर्शन में शामिल नवीन ने कहा कि 10 सितंबर को अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात हुई थी। बैठक में दोनों विभागों के कई अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों ने भी माना कि भर्ती में घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य पिछड़ा आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग भी इस मामले को मान चुके हैं। अब सरकार के मंत्री और अधिकारी भी इसे स्वीकार कर रहे हैं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों को नौकरी क्यों नहीं दी जा रही है।

‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं’

आशुतोष वर्मा ने कहा कि जब तक भर्ती शेड्यूल जारी नहीं हो जाएगा संघर्ष जाएगा हम पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है।

आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं।

आशुतोष वर्मा ने कहा कि जब तक भर्ती शेड्यूल जारी नहीं होगा संघर्ष जारी रहेगा।

आशुतोष वर्मा ने कहा कि जब तक भर्ती शेड्यूल जारी नहीं होगा संघर्ष जारी रहेगा।

‘5% छूट देने की मांग’

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन चारों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया।

अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5% की छूट दी जाए। उनका कहना है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 60 अंक यानी 40% अंक पर परिणाम संशोधित कर नई चयन सूची जारी की जाए।

नवीन ने कहा शिक्षा मंत्री ने भी माना है कि आरक्षण घोटाला हुआ, सरकार नौकरी नहीं दे रही है।

नवीन ने कहा शिक्षा मंत्री ने भी माना है कि आरक्षण घोटाला हुआ, सरकार नौकरी नहीं दे रही है।

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