
RSS प्रमुख मोहन भागवतImage Credit source: TV9
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को Gen Z और Gen Alpha छात्रों से संवाद के दौरान बेरोजगारी और रोजगार के मुद्दे पर पूछे गए सवालों का भी जवाब दिया. मोहन भागवत ने कहा कि अक्सर काम करने वालों को कमतर समझा जाता है. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. लेकिन लोग ऐसा करते हैं.
उन्होंने एक पान बेचने वाले का उदाहरण देते हुए समझाया कि उसने किस तरह कड़ी मेहनत करके ₹29 लाख की संपत्ति जमा कर ली थी. मोहन भागवत ने कहा कि हर किसी के लिए सरकारी नौकरी पाना मुमकिन नहीं है और न ही बिना कड़ी मेहनत के पैसे की उम्मीद करना सही है. बेरोजगारी तभी खत्म होगी जब हम नौकरियों को ‘बड़ी’ या ‘छोटी’ के तौर पर आंकना बंद कर देंगे. ऐसा करने से ही ये मुद्दा खत्म हो पाएगा.
सिर्फ रोजगार ही नौकरी नहीं
संघ प्रमुख ने कहा कि सिर्फ रोजगार ही नौकरी नहीं है. हाथ से काम करने वाले भी पैसा कमा रहे हैं. उन्होंने एक किसान का उदाहरण देकर इसे समझाया. भागवत ने कहा कि एक किसान के पास 4 लाख रुपये का अनाज है. लेकिन हम अमीर हैं और हमारे पास इतना कैश है तो उसे कुछ नहीं समझा जाता है. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. लोगों को हाथ से जुड़े काम पर भी ध्यान देना चाहिए.
ये भी पढ़ें: सेम सेक्स में शादी का संघ विरोध क्यों करता है? जानें क्या बोले मोहन भागवत
Gen-Z से बात न होने पर हुआ आंदोलन
इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-Alpha के साथ एक घंटे तक बातचीत की. उन्होंने कहा कि Gen-Z और Gen-Alpha पुरानी पीढ़ी के मुकाबले ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं. उन्होंने कहा कि हमें उनकी बात सुननी चाहिए, उनसे बातचीत न होने की वजह से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. उन्होंने ये बातें मुंबई में IIMUN (इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस) की 15वीं सालगिरह के मौके पर कहीं। इस कार्यक्रम में 11 से 19 साल की उम्र के लगभग 2,000 छात्र शामिल हुए.
ये भी पढ़ें: सेम सेक्स में शादी का संघ विरोध क्यों करता है? जानें क्या बोले मोहन भागवत

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
Read More