नर्मदापुरम कलेक्टर को मूंग के उपार्जन में घोटाले का खतरा, कई वेयरहाउस सील करने के आदेश

Published on 1 अग॰ 2026

नर्मदापुरम, 1 अगस्त 2026: मूंग के उत्पादकों ने दो दिन तक साउथ ईस्ट भोपाल को हाईजैक करके, 25% की लिमिट को 60% तो करवा लिया है लेकिन अब कलेक्टर सोमेश मिश्रा को मूंग के उत्पादन में घोटाले का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने सभी SDMs को स्पेशल ड्यूटी पर लगा दिया है। पिछले साल खरीदी गई मूंग आज भी गोदाम में रखी हुई है। कलेक्टर ने पुरानी मूंग (वेयर हाउस) को सील करने के आदेश दिए हैं। 

पिछले साल की मूंग सील करने के आदेश, SDM के लिखित ऑर्डर जरूरी

जारी आदेश के अनुसार उपार्जन केंद्रों के अतिरिक्त ऐसे सभी वेयरहाउस, जहां पूर्व में मूंग का भंडारण किया गया है, उन्हें उपार्जन अवधि तक सील किया जाएगा। उपार्जन अवधि के दौरान किसी भी वेयरहाउस अथवा भंडारण केंद्र से मूंग की निकासी केवल संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की लिखित अनुमति से ही की जा सकेगी। निकासी अधिकृत अधिकारी की उपस्थिति में कराई जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उक्त मूंग किसी भी स्थिति में समर्थन मूल्य उपार्जन केंद्र पर विक्रय के लिए न पहुंचे। 

सभी SDMs को मूंग स्टॉक के भौतिक सत्यापन का आदेश

कलेक्टर द्वारा सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को अपने-अपने अनुभाग की कृषि उपज मंडियों के लिए राजस्व विभाग, मंडी समिति एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह दल तत्काल प्रभाव से मंडी क्षेत्र के सभी मूंग व्यापारियों, मिलर्स एवं स्टॉकहोल्डर्स के गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध मूंग के स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करेगा।

मंडी सचिव, SDM को डेली रिपोर्ट करेंगे

जांच के दौरान व्यापारियों के पास उपलब्ध स्टॉक का मिलान मंडी की आवक-जावक पंजी, मंडी गेट पास तथा क्रय-विक्रय बिलों से अनिवार्य रूप से किया जाएगा। साथ ही मंडी सचिव प्रतिदिन मूंग की आवक एवं व्यापारियों के स्टॉक की रिपोर्ट संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यापारी के पास बिना अभिलेख अथवा संदिग्ध स्टॉक पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि उपरोक्त आदेशों के अनुरूप जिले के सभी मूंग व्यापारियों, मिलर्स एवं स्टॉकहोल्डर्स के गोदामों एवं व्यापारिक स्थलों पर उपलब्ध मूंग के स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन आगामी सात दिवस के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि समर्थन मूल्य पर उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं किसानों के हित में संचालित हो सके।