प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक तक सड़क जाम कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने SI भर्ती परीक्षा दोबारा कराने, BPSC 70वीं परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगें उठाईं।
पटना में छात्रों का प्रदर्शन
- Published: 15 Sep 2026, 02:27 PM IST
- Last Updated: 15 Sep 2026, 02:27 PM IST
पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। BPSC 70वीं परीक्षा और बिहार पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने पटना में प्रदर्शन किया।
विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर के पास एकत्र हुए। इसके बाद छात्रों ने सड़क पर उतरकर जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक तक मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन की वजह से आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
पुलिस ने रोका तो विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
प्रदर्शनकारी छात्र रामगुलाम चौक से डाक बंगला की तरफ जाने की बात कहते हुए चिड़ैयाटाड़ ओवरब्रिज के रास्ते विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने जीपीओ के पास उन्हें रोकने का प्रयास किया।
स्थिति को देखते हुए आर ब्लॉक से जीपीओ और जीपीओ से आर ब्लॉक की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस का घेरा तोड़ दिया और दौड़ते हुए विधानसभा की ओर आगे बढ़ गए।
आंदोलन की सूचना के बाद जेपी गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित
प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण अशोक राजपथ समेत आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ दंगा रोधी दस्ता भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत कर उन्हें सड़क से हटाने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास किया।
1799 पदों वाली दारोगा परीक्षा रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों में हाल में आयोजित बिहार पुलिस दारोगा भर्ती की 1799 पदों वाली परीक्षा को लेकर खासा आक्रोश नजर आया। छात्रों ने इस परीक्षा को रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने की मांग की। छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
BPSC 70वीं परीक्षा भी रद्द करने की मांग
छात्रों ने BPSC 70वीं परीक्षा को भी रद्द करने की मांग उठाई। इसके अलावा उन्होंने BPSSC की इंटर स्तरीय परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने की मांग रखी।
प्रदर्शनकारियों ने आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की भी मांग की। साथ ही सरकारी नियुक्तियों में संविदा कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेटेज को खत्म करने की मांग भी सामने रखी।
चेहरे पर मास्क और रुमाल बांधकर प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र मास्क लगाकर और चेहरे पर रुमाल बांधकर सड़क पर उतरे। छात्रों ने इसके पीछे आयोग की कार्रवाई का डर बताया। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से डिबार किया जा रहा है। इसी वजह से वे अपनी पहचान छिपाकर विरोध कर रहे हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि आयोग और अभ्यर्थियों के बीच एक तरह की दीवार खड़ी हो गई है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसे आयोग के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ सांकेतिक विरोध बताया।