Sep 15, 2026 02:32 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- NHAI ने अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर लगाए गए रोक को PNC इंफ्राटेक तक बढ़ाते हुए कंपनी को तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया है
- इस खबर के बीच पीएनसी इंफ्राटेक के शेयर में बड़ी गिरावट आई

PNC इंफ्राटेक के शेयर को बेचने की भी होड़
PNC Infratech share: बाजार में मचे भूचाल के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी PNC इंफ्राटेक के शेयर को बेचने की भी होड़ थी। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को यह शेयर 20% टूटकर 140 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। शेयर में यह गिरावट नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक्शन के बाद आई है।
क्या है मामला?
NHAI ने अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर लगाए गए रोक को PNC इंफ्राटेक तक बढ़ाते हुए कंपनी को तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया है। इस कार्रवाई के चलते कंपनी अब तीन साल तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), NHAI और उनकी कार्यान्वयन एजेंसियों की ओर से जारी होने वाली बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेगी।
यह पूरा मामला कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इस परियोजना की कंसेशनायर कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड है। NHAI ने पहले अवध एक्सप्रेसवे के खिलाफ कार्रवाई की थी और अब उसी कार्रवाई को कंपनी के प्रमोटर के तौर पर PNC इंफ्राटेक तक बढ़ाया गया है। बीते दिनों PNC इंफ्राटेक ने कहा था कि उस समय तक उसे NHAI की ओर से प्रतिबंधित या नॉन-परफॉर्मर घोषित नहीं किया गया था।
इससे पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया था कि NHAI ने PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने के प्रस्ताव से जुड़ा नोटिस दिया था। कंपनी फिलहाल कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। हालांकि, कंपनी ने बताया कि वित्तीय असर को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और आगे जानकारी सामने आने पर इसका खुलासा किया जाएगा।
शेयर का परफॉर्मेंस
PNC इंफ्राटेक के शेयर की बात करें तो पिछली क्लोजिंग 175.50 रुपये की थी। इसके मुकाबले मंगलवार को टूटकर 140 रुपये पर आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। अगर शेयर के 52 हफ्ते के हाई की बात करें तो 325.15 रुपये है। यह भाव पिछले साल सितंबर में था। कहने का मतलब है कि शेयर एक साल से दबाव में है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
हाल ही में PNC इंफ्राटेक ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी ने नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 23% की गिरावट की सूचना दी। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 332 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 431 करोड़ रुपये था।
हालांकि, ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू साल-दर-साल 18.6% बढ़कर 1,688 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, पिछले साल की समान अवधि में 1,423 करोड़ रुपये था। एबिटा की बात करें तो 42.1% बढ़कर 523 करोड़ रुपये हो गया जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 25.9% से बढ़कर 31% हो गया।