कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल ने की। जांच रिपोर्ट के बाद मामले में आगे कार्रवाई हुई और मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया। अनु बेनीवाल 2022 बैच कीआईपीएस अधिकारी हैं और उनका कैडर मध्य प्रदेश है। लेकिन अनु बेनीवाल की पहचान सिर्फ एक कड़क पुलिस अधिकारी की नहीं है। उनके आईपीएस बनने की कहानी संघर्ष, परिवार के त्याग और लगातार मेहनत से जुड़ी है।
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परिवार ने मुश्किलों के बीच पढ़ाया
अनु बेनीवाल का जन्म 26 अप्रैल 1992 को दिल्ली के पीतमपुरा में हुआ। उनके पिता संजय कुमार का छोटा कारोबार था, लेकिन बीमारी के कारण उसे बंद करना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति आसान नहीं थी। उनकी मां ने घर पर सूट सिलकर परिवार और बच्चों की पढ़ाई में योगदान दिया। मुश्किल हालात के बावजूद अनु ने पढ़ाई जारी रखी। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और कुछ समय नैनोसाइंस रिसर्च के क्षेत्र में भी काम किया।
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चार प्रयास के बाद बनीं आईपीएस
अनु ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए भूगोल को अपना वैकल्पिक विषय चुना। पहले प्रयास में असफलता मिली। दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हुआ। तीसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 638 हासिल की। इसके बाद भी मनचाही सेवा नहीं मिली तो उन्होंने कोशिश जारी रखी। 2022 में चौथे प्रयास में 217वीं रैंक हासिल कर आईपीएस चुनी गईं। अब अनु बेनीवाल को नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के बाद मामला आगे बढ़ा और अब नेहा पच्चीसिया निलंबित हो चुकी हैं। इस कार्रवाई के बाद अनु बेनीवाल एक बार फिर चर्चा में हैं।
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पति भी हैं कड़क आईपीएस
अनु बेनीवाल के पति डॉ. आयुष जाखड़ भी 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे एमबीबीएस कर चुके हैं और मध्य प्रदेश कैडर में पुलिस सेवा में हैं। दोनों अधिकारियों की पहचान सख्त और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने वाले अफसरों के तौर पर बनी है। आयुष जाखड़ उस समय चर्चा में आई थे, जब भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने उनको धमकी दी थी। दरअसल प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की थार से राहगीरों का एक्सीडेंट हो गया था। इस मामले में शिवपुरी जिले करैरा में तत्कालीन एसडीओपी आयुष जाखड़ ने दिनेश को थाने बुलाकर पूछताछ की थी और कथित रूप से करैरा में ना दिखने की धमकी दी थी। इस पर विधायक ने आयुष जाखड़ को धमकी देते हुए कहा था कि एसडीओपी करैरा तेरे डैडी की नहीं है और उनका बंगला गोबर से भरने की बात कही थी। बाद में आयुष जाखड़ का तबादला भी चर्चा में रहा। उन्हें प्रमोशन के बाद जबलपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। इसी फेरबदल में अनु बेनीवाल का भी तबादला हुआ था।