Published: Friday, July 31, 2026, 16:20 [IST]
Lyari Shootout: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' से फेमस हुए पाकिस्तान के कराची स्थित लयारी इलाके से गैंगवार की खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान के डॉन अखबार के अनुसार, इलाके में खूनखराबे की घटना ने पुरानी यादें ताजा कर दीं। जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर और पीपुल्स अमन कमेटी (PAC) के पूर्व प्रमुख उजैर बलूच के भाई जुबैर बलूच (40 वर्ष) पर उनके घर के बाहर गोलीबारी कर दी गई। कई गोलियां लगने से वे गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी सर्जरी चल रही है।
पुलिस के मुताबिक, चाकीवारा की मुख्य सड़क पर सिंगू लेन स्थित आवास के बाहर बैठे जुबैर पर मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद हमलावरों ने अचानक फायरिंग की। हमलावर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि गोलीबारी में दो राहगीर भी घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीनों को सिविल अस्पताल कराची में भर्ती कराया गया।
दक्षिण सिंध के डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि जुबैर पर सीने और पेट समेत कई जगहों पर गोलियां लगी हैं। पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है। गैंग राइवलरी, पुरानी दुश्मनी या हालिया राजनीतिक गतिविधियां।
Karachi Gang War: पुराने गैंग वॉर के दिन वापस लौटे?
दरअसल, जुबैर बलूच 2012 में 7 आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हुआ था और जनवरी 2025 में रिहा कर दिया गया। इलाके के सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, वे हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े थे और अपने इलाके में उसके झंडे फहराए थे। हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे। पास की दुकानदार ने जवाबी फायरिंग की, जिससे वे भाग निकले। इस घटना ने लयारी में अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं कि पुराने गैंग वॉर के दिन वापस लौट सकते हैं।
Who Is Uzair Baloch: उजैर बलूच कौन हैं? लयारी का 'किंगपिन'
उजैर बलूच लयारी गैंग वार के सबसे चर्चित नामों में से एक रहे हैं। रेहमान डाकैत (जिन्हें 2009 में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया) के बाद उन्होंने पीपुल्स अमन कमेटी की कमान संभाली। PAC शुरू में अमन कमेटी के रूप में बनी थी, लेकिन जल्द ही यह संगठित अपराध, ड्रग ट्रैफिकिंग, एक्सटॉर्शन और टारगेट किलिंग से जुड़ गई।
यह समूह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से राजनीतिक रूप से जुड़ा माना जाता था। 2008-2013 के दौरान लयारी में PAC का दबदबा था। गैंग वार में सैकड़ों लोग मारे गए। उजैर पर हत्या, आतंकवाद, हथियारों का इस्तेमाल और पुलिस पर हमले जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं। 2020 में सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी का दोषी ठहराकर 12 साल की सजा सुनाई। मार्च 2026 में आतंकवाद विरोधी अदालत ने कई पुराने मामलों में उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। वे अभी भी जेल में हैं।
Lyari Gang War: लयारी हिंसा का गढ़
आपको बता दें कि, लयारी कराची का बलूच बहुल इलाका है। 2000 के दशक से यहां दो प्रमुख गैंग्स, 'उजैर बलूच गुट और अरशद पप्पू गुट' के बीच खूनी संघर्ष चला। सैकड़ों मौतें हुईं, इलाका कर्फ्यू और ऑपरेशंस की चपेट में रहा। 2012-13 के कराची ऑपरेशन के बाद कुछ राहत मिली, लेकिन जड़ें अभी भी गहरी हैं। स्थानीय कार्यकर्ता बताते हैं कि कराची ऑपरेशन के दौरान कई गैंगस्टर दुबई और ईरान भाग गए थे। अब अमेरिका-ईरान तनाव के बाद कुछ वापस लौट रहे हैं, जिससे पुरानी दुश्मनियां भड़कने का खतरा है।
पुलिस जांच के एंगल, गैंग राइवलरी?
उधर, पुलिस के मुताबिक, हमले को लेकर उजैर के भाई जुबैर पर हमला उनके गुट को कमजोर करने की कोशिश हो सकती है। जुबैर की हालिया राजनीतिक सक्रियता। 2012 के मामलों से जुड़ी व्यक्तिगत रंजिश और वापस लौट रहे गैंगस्टरों का हाथ हो सकता है। पुलिस ने किसी भी थ्योरी को खारिज नहीं किया है और छानबीन जारी है।