Ladli Behna Yojana 2026: मध्य प्रदेश (Madhya Praesh News) की महिलाओं के लिए चल रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का मकसद महिलाओं को अपने छोटे-बड़े खर्चों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। अभी योजना के तहत पात्र महिला को हर महीने ₹1500 मिलते हैं। यह रकम सीधे महिला के अपने बैंक खाते में भेजी जाती है। लेकिन हर महिला को इस योजना का लाभ नहीं मिलता। सरकार ने इसके लिए उम्र, वैवाहिक स्थिति, परिवार की आय और संपत्ति से जुड़े कुछ नियम तय किए हैं। आइए आसान । भाषा में समझते हैं कि कौन लाड़ली बहना योजना का लाभ ले सकता है और किन महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिलेगा
कौन महिला ले सकती है योजना का लाभ?
लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने के लिए महिला का मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी होना जरूरी है। इसके साथ महिला का विवाहित होना जरूरी है। इसमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। उम्र की बात करें तो महिला की उम्र 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? (Ladli Behna Yojana Eligibility)
योजना में कुछ ऐसी शर्तें भी हैं, जिनके आधार पर महिला को अपात्र माना जाता है। जैसे अगर महिला या उसके परिवार की स्वघोषित वार्षिक आय 2.50 लाख से ज्यादा है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है, तो भी महिला योजना के लिए पात्र नहीं होगी। अगर परिवार के किसी सदस्य के नाम ट्रैक्टर को छोड़कर कोई चार पहिया वाहन पंजीकृत है, तो भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
लाड़ली बहना योजना में कितना पैसा मिलता है?
योजना के तहत पात्र महिला को 1500 रूपए हर महीने मिलते हैं। भुगतान महिला के अपने आधार लिंक (Aadhar Link) और DBT एक्टिव बैंक (Bank) खाते में किया जाता है। यानी बैंक खाता महिला के नाम होना जरूरी है। इसमें संयुक्त बैंक खाता मान्य नहीं माना जाता ।
परिवार में सरकारी नौकरी होने पर क्या होगा ?
अगर महिला के परिवार का कोई सदस्य केंद्र या मध्य प्रदेश सरकार के किसी विभाग, उपक्रम, मंडल या स्थानीय निकाय में नियमित, स्थायी या संविदाकर्मी के तौर पर काम करता है, तो महिला योजना के लिए अपात्र होगी। हालांकि आधिकारिक नियमों में आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए काम करने वाले कर्मचारियों को इस आधार पर अपात्र नहीं माना गया है।
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