​Kanpur Fake Disability Racket: कानपुर में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर बैंक पीओ परीक्षा दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश - Haribhoomi

Published on 24 अग॰ 2026

कानपुर में एसटीएफ और सचेंडी पुलिस ने स्वस्थ अभ्यर्थियों के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर बैंक पीओ परीक्षा में पेशेवर सॉल्वर लेखक सहायक बैठाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बैंक के रिकवरी मैनेजर, अभ्यर्थी और सॉल्वर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Accused arrested for gang that made solvers take exams by making fake disability certificates

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर साल्वर से परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के आरोपित गिरफ्तार

  • Published: 24 Aug 2026, 06:03 PM IST
  • Last Updated: 24 Aug 2026, 06:03 PM IST

कानपुर : सचेंडी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स STF ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बैंक भर्ती परीक्षा में फर्जी लेखक सहायक Scribe बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में चार मुख्य आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

​परीक्षा केंद्र पर लेखक सहायकों की संदिग्ध भूमिका से खुला राज

22 अगस्त को सचेंडी थाना क्षेत्र के भैलामऊ स्थित एक निजी कॉलेज में बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान IBPS की प्रोबेशनरी अधिकारी व मैनेजमेंट ट्रेनी प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जा रही थी। इस दौरान अभ्यर्थी अवनीश यादव के लिए आशीष कुमार और एक महिला अभ्यर्थी के लिए बिहार निवासी राहुल कुमार सिन्हा लेखक सहायक बनकर परीक्षा कक्ष में पहुंचे। परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध आचरण दिखने पर जब पुलिस व एसटीएफ ने दोनों से पूछताछ की, तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। कड़ाई से पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि उसे बैंक में रिकवरी मैनेजर अंकित सचान ने भेजा था।

​1 लाख में बनवाया दिव्यांग प्रमाण पत्र, 30 हजार में तय हुआ साल्वर

गिरफ्तार अभ्यर्थी अवनीश यादव ने खुलासा किया कि वह पूरी तरह शारीरिक रूप से स्वस्थ है और परास्नातक Post Graduate उत्तीर्ण है। इसके बावजूद उसने नौकरी पाने के लिए वर्ष 2025 में करीब ₹1 लाख देकर बिचौलियों के जरिए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया था। अवनीश इससे पहले भी दो परीक्षाओं में साल्वर की मदद ले चुका था। 22 अगस्त की परीक्षा के लिए उसने आशीष कुमार को ₹30,000 में लेखक सहायक के रूप में तय किया था।

​प्रेमिका को बैंक पीओ बनाने के लिए 10 लाख की डील

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंकित सचान एक ग्रामीण बैंक में वसूली प्रबंधक Recovery Manager के पद पर कार्यरत है। वह दिव्यांग कोटे का लाभ दिलाकर अपनी प्रेमिका को नौकरी दिलवाना चाहता था। उसने 2024 में ₹65,000 देकर उसका फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया और 22 अगस्त की परीक्षा पास कराने के लिए साल्वर गिरोह से ₹10 लाख में सौदा तय किया। अग्रिम भुगतान के रूप में ₹20,000 ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए गए थे।

​आईपैड और मोबाइल से उजागर हुआ बड़ा नेटवर्क

आरोपी राहुल कुमार सिन्हा के मोबाइल और आईपैड की फॉरेंसिक जांच में विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, स्क्राइब फॉर्म, फर्जी दस्तावेज और संदिग्ध लेनदेन की चैट बरामद हुई हैं। राहुल ने बताया कि दिल्ली में कोचिंग और ऑनलाइन पढ़ाने के दौरान वह देशव्यापी साल्वर सिंडिकेट के संपर्क में आया था। जांच में शमशेर उर्फ शीलू सचान, मनोज कुमार यादव, सुरजीत, मनोरंजन, राजू गुप्ता और मनीष मिश्रा समेत कई अन्य नाम सामने आए हैं।

​मुकदमा दर्ज, 4 आरोपी जेल भेजे गए

डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि मौके से अवनीश यादव, आशीष कुमार, राहुल कुमार सिन्हा और अंकित सचान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से 5 मोबाइल फोन, 1 आईपैड, पहचान पत्र पैन, पासपोर्ट आदि, नकदी और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।