छात्राएं बोलीं- कीचड़ में गिरेंगे तो पढ़ेंगे कैसे: 500 मीटर सड़क बनाने के लिए 100 छात्र महोबा कलेक्ट्रेट पहुंचे; BSA ने गोद में उठाया - Mahoba News
Published on 24 अग॰ 2026
छात्राएं बोलीं- कीचड़ में गिरेंगे तो पढ़ेंगे कैसे:500 मीटर सड़क बनाने के लिए 100 छात्र महोबा कलेक्ट्रेट पहुंचे; BSA ने गोद में उठाया
इरफान खान पठान | महोबा2 घंटे पहले
कॉपी लिंक
महोबा में करीब 500 मीटर कच्ची और बदहाल सड़क से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को लेकर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे 100 स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ कलेक्ट्रेट जा पहुंचे।
सड़क बनाने निर्माण की मांग को लेकर बच्चों ने प्रदर्शन किया। 'हमारी मांगें पूरी करो' जैसे नारे लगाए। डीएम से मुलाकात कराने की मांग की। बच्चों का कहना था कि सड़क की हालत ऐसी है कि स्कूल जाते समय आए दिन हम लोग फिसलकर गिर जाते हैं।
इस प्रदर्शन में कक्षा- 6 से 12वीं तक के बच्चे शामिल थे। इस बीच बीएसए राहुल मिश्रा ने एक बच्चे को गोद में उठाकर उससे समस्या पूछी। इसके बाद एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी, एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय और बीएसए राहुल मिश्रा ने गांव जाकर सड़क देखी। सभी अफसरों ने सड़क बनवाने का भरोसा दिया। मामला जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर सिद्धनडेरा गांव का है।
पहले 3 तस्वीरें देखिए
बीएसए राहुल मिश्रा ने एक बच्चे को गोद में उठाकर समस्या पूछी और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
बच्चों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। हमारी मांगें पूरी करो जैसे नारे लगाए।
बीएसए, एडीएम, एसडीएम समेत कई अफसरों ने बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ गांव जाकर रास्ते की हालत देखी।
अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरी खबर
ब्लॉक कबरई में सिद्धनडेरा गांव है। यहां रहने वाले छात्र कमल, मोनू, आकांक्षा ने बताया- हमारा गांव मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर है। यहां से 25-30 बच्चे परिषदीय विद्यालयों और इंटर कालेजों में पढ़ने जाते हैं। यहां जाने के लिए सिर्फ 3-4 मीटर चौड़ी एक पगडंडी है, कोई पक्की सड़क नहीं है।
बारिश में कीचड़ और पानी भरने से हम लोग स्कूल नहीं जा पाते। बीमार होने पर भी आने-जाने में दिक्कत होती है। गर्भवती महिलाओं को लेने एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। मरीजों को चारपाई पर लादकर सड़क तक लाना पड़ता है। बुजुर्ग भी गिरकर चोटिल हो जाते हैं। करीब 2 किमी पैदल चलकर जाना पड़ता है। इसी समस्य को लेकर हम लोग डीएम ऑफिस आए हैं।
हालांकि, डीएम ऑफिस में नहीं थे। इस पर वहां मौजूद एडीएम इंद्रनंदन सिंह ने बच्चों की बात सुनी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीएम शिवध्यान पांडे और बीएसए राहुल मिश्रा के साथ मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखी।
उन्होंने बारिश के कारण सड़क पर जमा पानी, कीचड़ और गड्ढों को देखा। इसी दौरान बच्चों की परेशानी समझते हुए बीएसए ने एक बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया।
गांव में बीएसए ने रास्ते की स्थिती देखी और रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजने की बात भी कही।
गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला रास्ता खराब
बीएसए राहुल मिश्रा ने बताया- गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला करीब 400 मीटर रास्ता कच्चा और खराब स्थिति में है। बच्चों और गांववालों की समस्या को देखते हुए मौके की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी। बीएसए ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक स्तर पर कार्रवाई कराई जाएगी।
अब पढ़िए छात्राओं ने क्या कहा?
छात्रा मधु ने बताया कि खराब सड़क के कारण बच्चों को स्कूल जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
‘बीमार को चारपाई पर ले जाना पड़ता है’
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्रा मधु ने बताया कि खराब सड़क के कारण बच्चों को स्कूल जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश में इनमें पानी भर जाता है। ऐसे में लोग फिसलकर गिर जाते हैं। उन्हें चोट लग जाती है। गांववालों ने कई बार अफसरों से शिकायत की, लेकिन अब तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आकांक्षा ने कहा कि सरकार कहती है, लड़कियां पढ़ें। लेकिन, जब लड़कियां रोड पर ही गिर जाएंगी तो पढ़ेंगी कैसे?
‘सड़क पर गिरेंगी, तो बेटियां पढ़ेंगी कैसे?’
छात्रा आकांक्षा ने बताया- हम डीएम सर से मिलने के लिए कलेक्ट्रेट आए थे। हमारी मांग इतनी है कि गांव की खराब सड़क को बनवा दिया जाए, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो। सरकार कहती है कि लड़कियां पढ़ें। लेकिन, जब लड़कियां रोड पर ही गिर जाएंगी तो पढ़ेंगी कैसे? मैं खुद सड़क पर गिर चुकी हूं। मेरी छोटी बहन भी इसी रास्ते पर गिरकर एक बार चोट खा चुकी है।
‘हमें कुछ नहीं चाहिए, बस सड़क बनवा दो’
छात्रा चांदनी ने कहा- बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। बचपन से सड़क की यही हालत देखते आ रहे हैं। हमारी एक ही मांग है कि गांव की सड़क बनवा दी जाए। चांदनी ने कहा कि सड़क बन जाने के बाद बच्चे बिना किसी डर और परेशानी के स्कूल जा सकेंगे।
एडीएम इंद्रनंदन सिंह ने बच्चों की शिकायत पर सदर एसडीएम और बीएसए को मौके पर भेजकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
------------------------
ये खबर भी पढ़ेंः-
स्कूल में बेटी को मच्छर ने काटा, डीएम से शिकायत, प्रोफेसर पिता ने कहा- स्कूल पूरी फीस लेता है, बीमार हुई तो कौन जिम्मेदार होगा
मुरादाबाद में प्रोफेसर की LKG में पढ़ने वाली 6 साल की बेटी को स्कूल में मच्छर ने काट लिया। बच्ची ने घर में पिता को बताया तो उन्होंने डीएम डॉ. राजेन्द्र पैंसिया को मेल करके स्कूल की शिकायत कर दी। प्रोफेसर पिता ने कहा- ‘अगर मच्छर के काटने से उनकी बेटी को बीमारी होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?’ पढ़ें पूरी खबर…
.
खबरें और भी हैं...
प्रेमानंदजी के लिए लेट-लेटकर चला भक्त: हरिद्वार से वृंदावन पहुंचा, काशी में जबरदस्त भीड़ का ड्रोन VIDEO
1:16
कॉपी लिंक
शेयर
जिस आपत्तिजनक ड्रेस पर बवाल, वही पहनकर LIVE आईं दरोगा: मेरठ में बोलीं- VIDEO वायरल करने वाले हत्यारे; मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी
3:28
कॉपी लिंक
शेयर
बात खरी है
अखिलेश के मुखबिरों ने खोजा 26kg गोल्ड बिस्किट: मंत्रीजी चाबी के लिए तरसे; रसोइया की बातों को हवा में उड़ा गए अफसर1:34
कॉपी लिंक
शेयर
बजरंग दल के जिलाध्यक्ष के बहनोई की हत्या: बस्ती में उलाहना देने पर पीटकर मार डाला, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने चौकी घेरी