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मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। इंदौर नगर पालिक निगम के Assistant Revenue Officer (ARO) जितेंद्र कुमार पाण्डेय के ठिकानों पर आज तड़के लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी। जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले इस अधिकारी के खिलाफ Indore Lokayukta raid on corruption के तहत यह बड़ी कार्यवाही महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर की गई है।
Disproportionate assets case against Indore Municipal Corporation officer
लोकायुक्त इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास द्वारा बताया गया कि, जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी जितेंद्र कुमार पाण्डेय ने अपने 31 साल के सेवाकाल में अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। Assistant Revenue Officer disproportionate assets case की जांच में पता चला कि अधिकारी की कुल अनुमानित वेतन आय लगभग 80 लाख रुपये रही है, लेकिन उनके द्वारा किया गया खर्च और निवेश लगभग 2.53 करोड़ रुपये पाया गया है। यह उनकी वैध आय से 1,73,08,069 रुपये (यानी 216.35 प्रतिशत) अधिक है। बिना रिश्वत लिए काम न करने वाली मानसिकता का परिणाम आज अधिकारी के घर पर पड़ी इस रेड के रूप में सामने आया है।
Details of illegal properties found in Indore Lokayukta search
छापेमारी के दौरान इंदौर स्थित दो ठिकानों पर एक साथ सर्च कार्यवाही की गई। Indore Nagar Nigam officer bribe case की तफ्तीश में पाया गया कि पाण्डेय ने अपनी पत्नी श्रीमती भावना पाण्डेय के नाम पर आनंद नगर एक्सटेंशन, गजाधर नगर में एक आलीशान G+3 भवन (40x50 भूखंड) बनवाया है, जिसकी लागत करीब 1.20 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, गजाधर नगर के ही एक अन्य भूखंड पर G+2 भवन बनाकर वहां एक छात्रवास (Hostel) संचालित किया जा रहा है, जिस पर लगभग 91.50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। उनके परिवार के नाम पर कई लग्जरी चार पहिया और दो पहिया वाहन भी मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 14 लाख रुपये आंकी गई है।
Legal action under Prevention of Corruption Act in Madhya Pradesh
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय के नेतृत्व में डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान और निरीक्षकों की टीम इस Madhya Pradesh government corruption news को उजागर करने में जुटी है। आरोपी (जितेंद्र कुमार पाण्डेय, सहायक राजस्व निरीक्षक, नगर निगम इंदौर) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13 (1) बी और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।
How to report corruption and bribe demands in Madhya Pradesh
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जंग में लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। यदि आपसे भी किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है, तो आप how to report corruption in Madhya Pradesh के लिए लोकायुक्त कार्यालय इंदौर (मोती बंगला, एमजी रोड) में सीधे शिकायत कर सकते हैं। आप उनके दूरभाष नंबर 0731-2533160 या 0731-2430100 पर भी संपर्क कर भ्रष्टाचार की सूचना दे सकते हैं। याद रखिए, रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध हैं, और आपकी एक सजग शिकायत ऐसे भ्रष्ट तंत्र को खत्म करने में मदद कर सकती है।
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