Published: Sunday, September 20, 2026, 17:31 [IST]
Ketan Agarwal Death Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि केतन की मौत लोहगढ़ किले से गिरने की वजह से नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश का नतीजा थी। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में बंद हैं।
18 जून को केतन का शव लोहगढ़ किले की करीब 350 से 400 फीट गहरी खाई में मिला था। उस वक्त सिया ने पुलिस को बताया था कि चट्टान के पास तस्वीर खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था। लेकिन बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों ने जांच की दिशा बदल दी।
फेक इंस्टाग्राम अकाउंट से लोहगढ़ तक पहुंचा मामला
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, सिया गोयल ने चेतन चौधरी और रितेश के साथ मिलकर एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट तैयार किया था। इसमें एक परिचित महिला की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इसी अकाउंट से केतन को मैसेज भेजे गए और 18 जून को सिया के जन्मदिन के सरप्राइज के बहाने लोहगढ़ बुलाया गया।
पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद यह अकाउंट डिलीट कर दिया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या से जुड़ी फिल्में देखीं, साजिश तैयार करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया और पुलिस से बचने के तरीकों पर पॉडकास्ट सुने थे।
केतन हत्याकांड की चार्जशीट में 10 बड़े खुलासे
1. हादसा नहीं, सीधी हत्या: जांच अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि केतन की मौत खाई में गिरने से नहीं, बल्कि उसे योजनाबद्ध तरीके से धक्का देकर की गई हत्या है।
2. CCTV का सुराग: लोहगढ़ किले के एंट्री पॉइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में हुडी पहने चेतन चौधरी की मौजूदगी कैद हो गई।
3. लोकेशन छिपाने का पैंतरा: 18 जून को चेतन का मोबाइल इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक बंद था। उसने अपना फोन दफ्तर में छोड़ दिया था ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन पर शक न हो।
4. हजारों कॉल्स की कॉल डिटेल: पुलिस को सिया और चेतन के बीच हुई हजारों कॉल्स और लंबी बातचीत का रिकॉर्ड मिला है, जो डिजिटल सबूत का काम कर रहा है।
5. पहले भी की थी मारने की कोशिश: 18 जून से ठीक चार दिन पहले (14 जून) भी सिया केतन को उसी किले पर ले गई थी। वहां उसे धक्का दिया गया था, लेकिन केतन एक झाड़ी पकड़कर बच गया था।
6. कैफे में बैठकर मैप से प्लानिंग: 17 जून को पुणे के एक कैफे में सिया और चेतन मिले। दोनों ने लोहगढ़ का मैप और वीडियो देखकर धक्का देने की जगह तय की।
7. पुश करने का रिहर्सल: कैफे के पास दोनों ने कथित तौर पर इस बात का अभ्यास भी किया कि केतन को किस एंगल से धक्का देना है।
8. गूगल सर्च हिस्ट्री बनी सबूत: सिया के मोबाइल से पता चला कि उसने 2025 में लोहगढ़ में हुई एक महिला की पहाड़ी से गिरने की खबर और बहुचर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस को सर्च किया था।
9. सुपारी देकर हत्या का फेल प्लान: आरोपी रितेश हांगे ने बेंगलुरु में रहने वाले अपने एक दोस्त के जरिए सुपारी देकर केतन को मरवाने की कोशिश की थी। योजना फेल होने पर पुलिस ने उस दोस्त को इस केस में गवाह बना लिया।
10. 85 गवाह और पुख्ता सबूत: चार्जशीट में 80 से 85 चश्मदीदों और गवाहों के बयान हैं। इनमें 3 लोग ऐसे हैं जिन्होंने सिया और चेतन को वारदात के समय मौके पर देखा था। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट, मोबाइल डेटा, सीडीआर और फोटो को तकनीकी सबूत बनाया गया है।
अब तक तीनों आरोपी जेल में
सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने चार्जशीट में हत्या की साजिश से जुड़े कई डिजिटल और परिस्थितिजन्य सबूत पेश किए हैं। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की अदालत में सुनवाई होनी बाकी है। आरोप साबित होने या न होने का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।