Garba Partner Scam: गरबा पार्टनर के नाम पर ठग बिछा रहें जाल, जानिए कैसे करें सही -गलत ऑफर की पहचान

Published on 5 अक्टू॰ 2026

Garba Partner Scam: भारत देश में हर महीने कोई न कोई त्योहार आता रहता है। ऐसे में अब जल्द ही नवरात्रि का पर्व (Navratri Festival) आने वाला है। ऐसे में नवरात्रि आने के पहले देशभर में गरबा और डांडिया की तैयारियां जोरो-शोरों से शुरु हो चुकी हैं। ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर  ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ के नाम से कई पोस्ट पोस्ट वायरल हो रहें हैं, जिसमें गरबा नाइट में पार्टनर के साथ डांस, फोटो, रील्स और कुछ पोस्ट्स में देर रात तक साथ रहने और घर छोड़ने के ऑफर जैसे दावे (Garba Partner poster scam) किए जा रहें हैं। लेकिन क्या ये दावे सही है या इसके नाम पर किसी स्कैम की तैयारी तो नहीं? आइए जानें...

‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ का ट्रेंड

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रहें हैं। जिसमें ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ (Rent A Garba Partner) के नाम पर सिल्वर, गोल्ड और प्लैटिनम पैकेज के नाम से मिल रहे इन ऑफर्स की कीमत 1,000 से 6,000 रुपए तक रखी गई। ऐसे कई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहें हैं। 

बता दें कि, पिछले दिनों गुजरात के एक इंस्टाग्राम यूजर ने मजाक के तौर पर अलग-अलग पैकेज के साथ एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर अलग- अलग नाम से आईडी बनाकर ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ जैसे पोस्ट शेयर  किए जा रहें हैं। 

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कैसे हो सकती है ठगी?

एक्सपर्ट्स की माने तो ठग पार्टनर बुकिंग (Garba Fraud Alert) के नाम पर एडवांस पेमेंट की मांग कर ठगी (cyber scam) कर सकते हैं, इसके लिए फर्जी UPI लिंक या QR कोड या पेमेंट रिक्वेस्ट भेज सकते हैं, फिर  बुकिंग कन्फर्मेशन या रिफंड के बहाने OTP और बैंकिंग डिटेल मांग या मालवेयर लिंक या APK डाउनलोड करने जैसी बातें कहकर आपके बैंक अकाउंट खाली करवा सकते हैं। 

इतना ही नहीं वीडियो कॉल या फोटो के जरिए पर्सनल जानकारी एकत्रित करके ब्लैकमेल करने की कोशिश भी की जा सकती है।

ऐसे हो सकती ठगी

1. बुकिंग के नाम पर एडवांस पेमेंट मांग।
2. फर्जी UPI लिंक या QR कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर की मांग।
3. रिफंड या बुकिंग कन्फर्म करने के बहाने बैंकिंग डिटेल्स या OTP की मांग।
4. मालवेयर वाला लिंक या APK डाउनलोड करने के लिए भेज सकते हैं।
5. वीडियो कॉल या फोटो के जरिए निजी जानकारी जुटाकर बाद में ब्लैकमेल कर सकते हैं।
6. बातचीत के दौरान मिले मोबाइल नंबर, फोटो या अन्य निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे करें असली और गलत ऑफर में फर्क?

अगर सच में कोई ऐसा ऑफर होगा तो आयोजक, कंपनी या सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी बिल्कुल सही और स्पष्ट होगी। अगर स्कैम हुआ तो उसमें ऑफर्स का दावा करने वाले दावों की पहचान छुपी रहेगी। 

आइए जानें 

1. प्रोफाइल फोटो, पोस्ट और दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट की जांच करें।
2. सर्विस देने वाले व्यक्ति या संस्था का नाम, पता और कॉन्टैक्ट डिटेल वेरिफाई करें।
3. सिर्फ पोस्ट, फॉलोअर्स या कमेंट देखकर सर्विस को असली न मानें।
4. नए अकाउंट से सावधान रहें।
5. अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
6. कोई भी APK या संदिग्ध एप डाउनलोड न करें।
7. टिकट या पास हमेशा ऑफिशियल सोर्स से ही बुक करें।
8. OTP, UPI पिन, पासवर्ड और बैंक डिटेल कभी शेयर न करें।
9. गरबा पास, कपल एंट्री या रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे न भेजें।

10. पहली मुलाकात सार्वजनिक जगह पर करें और परिवार या दोस्त के साथ जाकर मिले। 

ठगी का शिकार होने पर करें ये काम

अगर आपके साथ स्कैम हो चुका है तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। इसके बाद cybercrime.gov.in पर ‘रिपोर्ट साइबर क्राइम’ के जरिए शिकायत दर्ज करें और बैंक या UPI ऐप को सूचना दें. सोशल मीडिया पोस्ट, प्रोफाइल, चैट, फोन नंबर, पेमेंट लिंक, QR कोड, ट्रांजैक्शन ID, ईमेल और SMS के स्क्रीनशॉट संभाल कर रखे। यह ठगों को ढ़ूंढने में काम आएगा। 

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