गलत खान-पान और ज्यादा फैट वाली चीजें पित्त की थैली में पथरी के खतरे को बढ़ा सकती हैं। समय रहते डाइट में बदलाव और कुछ खास चीजों से दूरी बनाकर गॉलब्लैडर को सेहतमंद रखा जा सकता है।
Gallbladder Stone Diet : गलत खान-पान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल अक्सर पाचन से जुड़ी कई दिक्कतों को जन्म देता है। इन्हीं में से एक आम परेशानी है पित्त की थैली यानी गॉलब्लैडर में पथरी होना।
गॉलब्लैडर का मुख्य काम लिवर से बनने वाले बाइल (पित्त रस) को स्टोर करना और खाने को पचाने में मदद करना होता है। जब हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल और फैट की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो यह धीरे-धीरे सख्त होकर पथरी का रूप ले लेती है।
अगर आप अपने गॉलब्लैडर को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो रोजमर्रा की डाइट में कुछ चीजों को सीमित करना बहुत जरूरी है।
1. ज्यादा तला-भुना और फैटी फूड
समोसे, कचौड़ी, फ्राइड चिकन और पैकेज्ड स्नैक्स में अनहेल्दी फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जब आप लगातार भारी मात्रा में ऑयली खाना खाते हैं, तो पित्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से बढ़ता है।
इसे पचाने के लिए गॉलब्लैडर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और यही अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल पथरी बनने की मुख्य वजह बनता है।
2. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स
मैदा, सफेद ब्रेड, पास्ता, नूडल्स और बेकरी आइटम्स जैसे रिफाइंड कार्ब्स शरीर में शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ाते हैं।
इनमें फाइबर बिल्कुल नहीं होता, जिससे पाचन की गति धीमी पड़ जाती है। फाइबर की कमी और रिफाइंड कार्ब्स का ज्यादा सेवन गॉलब्लैडर के सामान्य कामकाज को प्रभावित करता है।
3. मीठे ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स
पैक्ड फ्रूट जूस, सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स और बहुत ज्यादा चीनी वाली चाय-कॉफी शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ाती हैं।
इंसुलिन स्पाइक होने से शरीर में फैट जमने लगता है और बाइल में कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बिगड़ जाता है। रोजाना ऐसे ड्रिंक्स पीने की आदत पथरी के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकती है।
4. फुल क्रीम और हाई-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स
फुल क्रीम दूध, ज्यादा मक्खन, मलाई, प्रोसेस्ड चीज और आइसक्रीम में सैचुरेटेड फैट काफी ज्यादा होता है।
अगर आपको पहले से ही गैस, अपच या पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन की शिकायत रहती है, तो फुल फैट डेयरी के बजाय टोंड दूध, सादा दही या छाछ का विकल्प चुनना बेहतर रहता है।
5. रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट
मटन, बीफ और प्रोसेस्ड मीट में कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट दोनों की मात्रा अधिक होती है। इसे पचाने में शरीर को लंबा समय लगता है।
नियमित रूप से भारी मात्रा में रेड मीट खाने से गॉलब्लैडर पर दबाव बढ़ता है और पथरी की आशंका तेज हो जाती है।
बचाव के लिए क्या करें?
फाइबर बढ़ाएं: अपनी थाली में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दलिया, ओट्स और साबुत अनाज शामिल करें।
पानी खूब पिएं: दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से पाचन क्रिया सुचारू रहती है और बाइल गाढ़ा नहीं होता।
हल्का व्यायाम: रोजाना 30 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज वजन को नियंत्रित रखने और मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने में मदद करती है।
यदि पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में लगातार भारी दर्द, उल्टी या जी मिचलाने जैसी समस्या महसूस हो रही हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठने के बजाय तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवाएं।