केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का 81वां जन्मदिन: बर्थडे पर इमोशनल हुए, UCC-SIR से कानून-व्यवस्था तक पर बोले; जब्त शराब से सैनिटाइजर बनाने का दिया सुझाव - Gayaji News

Published on 3 अक्टू॰ 2026

गयाजी3 घंटे पहले

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केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी अपने 81वें जन्मदिन पर शनिवार को पैतृक गांव महकार पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्वजों को याद किया। इस दौरान वह भावुक हो गए। आंखों से आंसू छलक पड़े। जन्मदिन के कार्यक्रम में पौधरोपण समेत कई आयोजन हुए।

लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद मांझी का सियासी अंदाज भी दिखा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने UCC से लेकर SIR, बिहार की कानून-व्यवस्था और शराबबंदी तक पर अपनी बात रखी। उनके बयानों में एक तरफ सरकार के कामकाज का बचाव दिखा तो दूसरी तरफ कुछ मुद्दों पर अलग सुझाव भी।

जीतनराम मांझी के जन्मदिन पर उनके पोते-पोतियों की ओर से केक लिया गया था।

जीतनराम मांझी के जन्मदिन पर उनके पोते-पोतियों की ओर से केक लिया गया था।

UCC को राष्ट्रीय हित से जोड़कर देखा

समान नागरिक संहिता यानी UCC पर मांझी ने कहा कि इसे राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखना चाहिए। लोगों के बीच इसे लेकर भ्रम की स्थिति नहीं पैदा होनी चाहिए। मांझी पहले भी UCC के समर्थन में अपनी राय रख चुके हैं। वह इसे संविधान के अनुच्छेद 44 से जोड़ते रहे हैं। शनिवार को भी उनके बयान में यही नजर आया।

SIR पर बोले- नाम हटाना नहीं, सूची का सत्यापन मकसद SIR पर मांझी ने कहा कि इसका उद्देश्य किसी भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाना नहीं है। मकसद मतदाता सूची का सत्यापन और उसे व्यवस्थित करना है।उन्होंने कहा कि जिन पात्र लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें भी जोड़ा जाना चाहिए। मांझी ने सीमावर्ती क्षेत्रों का भी जिक्र किया। कहा कि ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है, जो भारतीय नागरिक नहीं हैं और गलत दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में शामिल हो गए हैं। उनके बयान में SIR को लेकर सत्ता पक्ष का वही तर्क दिखा, जिसमें मतदाता सूची के सत्यापन को प्रमुख मुद्दा बनाया जाता है।

81वें जन्मदिन पर केक काटते जीतन राम मांझी। साथ में उनके बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन और बहू दीपा मांझी।

81वें जन्मदिन पर केक काटते जीतन राम मांझी। साथ में उनके बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन और बहू दीपा मांझी।

कानून-व्यवस्था पर बोले- अपराध का समर्थन नहीं, कार्रवाई भी देखिए

बिहार की कानून-व्यवस्था के सवाल पर मांझी ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना का समर्थन नहीं किया जा सकता। लेकिन घटना के बाद पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई कर रहा है, यह भी देखना चाहिए। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला दिया। कहा कि बिहार की कानून-व्यवस्था में उन्होंने काफी बदलाव देखा है। मांझी ने ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का भी जिक्र किया। कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कानून-व्यवस्था को बेहतर रखने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। समाज और राजनीतिक दलों को भी इसमें भूमिका निभानी चाहिए।

जब्त शराब से सैनिटाइजर बनाने का सुझाव

शराबबंदी के बीच जब्त शराब के निस्तारण पर मांझी ने अलग सुझाव दिया। कहा कि बड़ी मात्रा में जब्त शराब को सीधे नष्ट करने के बजाय उसके दूसरे उपयोग पर विचार होना चाहिए। तकनीकी और कानूनी रूप से संभव होने पर इससे सैनिटाइजर जैसे उत्पाद बनाने की बात उन्होंने कही। इससे जब्त सामग्री का उपयोग जनहित में किया जा सकता है और संसाधनों की बचत भी हो सकती है।

जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी।

जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी।

सरकार के काम गिनाए, आपदा राहत का भी जिक्र

केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज पर मांझी ने कहा कि दोनों सरकारें मिलकर बिहार के विकास और आपदा प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में लगी हैं। बारिश और आपदा से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की बात भी कही।

जन्मदिन पर महकार में मांझी का भावुक होना निजी पल था। लेकिन उसके बाद मीडिया के सामने दिए बयानों ने कार्यक्रम को सियासी रंग दे दिया। UCC और SIR जैसे राष्ट्रीय मुद्दों से लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था और शराबबंदी तक मांझी ने कई मुद्दों पर सरकार और अपनी पार्टी के रुख को सामने रखा।

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