भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को नई गति, FTA से 15 साल में 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य: PM मोदी

Published on 5 अक्टू॰ 2026

भारत और स्विस परिसंघ ने सोमवार (5 अक्टूबर) को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस परिसंघ के अध्यक्ष गाय पार्मेलिन की उपस्थिति में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया. पीएम मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञान एवं तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट भारत और किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के बीच पहला FTA है. उन्होंने कहा कि इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम किया जाएगा.

निवेश बढ़ाने के लिए उठाए जरूरी कदम

पीएम ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों में इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. भारत के कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए स्विट्जरलैंड में बाजार पहुंच बढ़ाने तथा भारत में बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में स्विस निवेश बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की है. साथ ही परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है.

स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को किया आमंत्रित

इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने वाराणसी रोप-वे, नोएडा के जेवर एयरपोर्ट और पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे तथा टनलिंग परियोजनाओं को भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आज हुए समझौते से इस सहयोग को और मजबूती मिलेगी. पीएम ने स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को भारत में बड़े स्तर पर निवेश और क्षमता निर्माण, डिजाइन तथा मैन्युफैक्चरिंग में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया.

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत और स्विट्जरलैंड जल्द ही हेल्थ, क्लीन एनर्जी और स्पेस जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू करेंगे. प्रधानमंत्री ने भारतीय साइंस स्टार्टअप्स की क्षमता निर्माण के लिए ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के साथ हुए समझौते का भी स्वागत किया.

युवाओं के लिए स्विट्जरलैंड में नए अवसर खुलेंगे

पीम मोदी ने कहा कि माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट से भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और युवाओं के लिए स्विट्जरलैंड में नए अवसर खुलेंगे. योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई.

यूक्रेन और पश्चिम एशिया का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांति की दिशा में किए जाने वाले हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहा है. दोनों देश ग्लोबल पीस और स्टेबिलिटी के लिए मिलकर काम करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार जरूरी है.

प्रॉस्पेरिटी समिट आयोजित किया जाएगा

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 7 अक्टूबर को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति की मौजूदगी में भारत-ईएफटीए बिजनेस लीडर्स के साथ प्रॉस्पेरिटी समिट आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह समिट व्यापार और निवेश साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने का महत्वपूर्ण मंच होगी.

AI के क्षेत्र में सहयोग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने इस साल फरवरी में दुनिया की सबसे बड़ी AI समिट आयोजित किया था और अगले साल स्विट्जरलैंड जिनेवा AI समिट के जरिए इस यात्रा को आगे बढ़ाएगा. प्रधानमंत्री ने AI को जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद जताई.

माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप पर समझौता

  • भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन को बढ़ावा मिलेगा.
  • अवैध प्रवासन, मानव शोषण और मानव तस्करी रोकने पर सहयोग
  • 5 साल तक मल्टीपल-एंट्री वीजा की सुविधा
  • हर यात्रा में 6 महीने तक रहने की अनुमति
  • छात्रों के लिए 1 साल के नवीकरणीय परमिट का प्रावधान

यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज प्रोग्राम

  • दोनों देशों के युवा प्रोफेशनल्स को दूसरे देश में अस्थायी रोजगार का मौका
  • प्रोफेशनल और भाषा कौशल बढ़ाने में मदद
  • शुरुआत में हर देश से सालाना 300 युवा
  • संख्या बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है
  • नागरिकता और निवास की पुष्टि के लिए 30/90 दिन की समयसीमा

परिवहन तकनीक और मोबिलिटी पर सहयोग

  • भारत और स्विट्जरलैंड के बीच टिकाऊ परिवहन ढांचे पर सहयोग
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोपवे, सर्कुलर इकोनॉमी और सुरंगों जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग
  • परिवहन और मोबिलिटी सिस्टम को आधुनिक बनाने पर जोर

विज्ञान एवं तकनीक सहयोग के लिए LoI

  • भारत और स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक समुदायों के बीच दीर्घकालिक सहयोग
  • संयुक्त रिसर्च के लिए नई साझेदारियां विकसित करने पर जोर
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भविष्य के संयुक्त अनुसंधान का ढांचा तैयार होगा

इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्टार्टअप सहयोग

  • भारत और स्विट्जरलैंड के बीच इनोवेशन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में सहयोग
  • शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए इंडो-स्विस Academia-इंडस्ट्री ट्रेनिंग (AIT India) कार्यक्रम
  • संयुक्त वर्कशॉप, क्षमता निर्माण, बिजनेस नेटवर्किंग और द्विपक्षीय एक्सचेंज को बढ़ावा

तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर स्विस नेता

प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सोमवार को भारत पहुंचे स्विस नेता की उच्च स्तरीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य वाणिज्य, निवेश, वैज्ञानिक उन्नति, तकनीकी नवाचार और कार्यबल गतिशीलता के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति पार्मेलिन वरिष्ठ अधिकारियों और कॉर्पोरेट अधिकारियों सहित एक प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल के साथ यात्रा कर रहे हैं. .

इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पार्मेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे, जो उनके सम्मान में एक औपचारिक भोज का आयोजन करने वाली हैं. यह राजनयिक मुलाकात इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि राष्ट्रपति पार्मेलिन 7 अक्टूबर को दूसरे भारत-ई मुक्त व्यापार समझौते ( टीईपीए) समृद्धि शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं, जो टीईपीए के संचालन की पहली वर्षगांठ का प्रतीक है.