रेवाड़ी स्टूडेंट सुसाइड केस: शिक्षक पर हुई FIR दर्ज, वीडियो जारी कर बोले- 'मैं तो जतिन का भला चाहता था, आरोपों को बताया निराधार - Haribhoomi

Published on 16 जुल॰ 2026

शिक्षक के मुताबिक, जतिन पढ़ाई में कमजोर था और होमवर्क नहीं करता था। उन्होंने केवल उसकी पारिवारिक स्थिति को देखते हुए उसे जिम्मेदारी का अहसास कराया था ताकि वह पढ़-लिखकर नौकरी पा सके और अपनी मां का सहारा बने।

Rewari student suicide case.

रेवाड़ी स्टूडेंट सुसाइड मामले पर पहली बार सामने आए आरोपी शिक्षक।

  • Published: 16 Jul 2026, 03:42 PM IST
  • Last Updated: 16 Jul 2026, 04:00 PM IST

रेवाड़ी स्टूडेंट सुसाइड केस: हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धवना सरकारी स्कूल में 11वीं के छात्र जतिन की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत नामजद किए गए हिस्ट्री टीचर श्यामलाल पहली बार सामने आए हैं। शिक्षक ने दैनिक भास्कर को एक वीडियो भेजकर अपना पक्ष रखा और भावुक होते हुए कहा कि इस घटना ने उन्हें अंदर से हिलाकर रख दिया है और अब उन्हें क्लास में जाने से भी डर लगने लगा है। गौरतलब है कि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को धवना स्कूल से हटाकर सीहा स्कूल में भेज दिया है।

टीचर ने आर्थिक स्थिति देखकर समझाने की कोशिश करने का किया दावा
आरोपी शिक्षक श्यामलाल (राकेश कुमार) ने वीडियो जारी कर छात्र जतिन के परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। शिक्षक ने कहा कि जतिन का पढ़ाई में ध्यान कम था। घटना के दिन उन्होंने जतिन को केवल अपना होमवर्क पूरा करने और पेरेंट्स को स्कूल बुलाकर लाने के लिए कहा था। शिक्षक के अनुसार, उन्होंने छात्र से कहा था, "बेटा, तुम्हारे पापा हैं नहीं और मां मजदूरी करके घर चलाती हैं. पढ़-लिख लोगे तो नौकरी मिल जाएगी और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक हो जाएगी।

शिक्षक ने कहा कि उन्होंने कभी छात्र को हाथ तक नहीं लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पढ़ाई न करने पर एक शिक्षक बच्चे को टोक भी नहीं सकता, तो फिर मास्टर स्कूल जाकर क्या करें? जतिन की मौत से पूरा स्कूल स्टाफ पिछले दो दिनों से शोक में है।

चपरासी से PGT बनने का सफर
शिक्षक श्यामलाल (राकेश कुमार) एम.ए., बी.एड. (M.A, B.Ed.) पास हैं। सरकारी नौकरी में आने से पहले उन्होंने 10 साल प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाया। साल 2019 में उनकी सरकारी नौकरी ग्रुप-डी (चपरासी) में लगी थी, जिसके बाद कड़ी मेहनत से साल 2022 में वे पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के रूप में सिलेक्ट हुए थे। धवना स्कूल में उनकी यह पहली पोस्टिंग थी।

ताऊ जातिसूचक शब्द कहे जाने के संगीन आरोप 
दूसरी तरफ, मृतक छात्र जतिन के ताऊ राकेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एफआईआर (FIR) में शिक्षक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं:

  • मानसिक प्रताड़ना: आरोप है कि शिक्षक श्यामलाल पिछले कुछ दिनों से जतिन को बाकी बच्चों के सामने लगातार अपमानित कर रहे थे और उसके माता-पिता पर गलत कमेंट कर रहे थे।
  • पिता की मौत पर टिप्पणी: ताऊ का आरोप है कि शिक्षक ने जतिन से कहा, "तुम्हारा बाप शराब पीकर मर गया, तुम भी ऐसे ही मर जाओगे। तुम्हारी जाति में ऐसा ही होता है। पढ़ना-लिखना तुम्हारे बस की बात नहीं है, पढ़ाई छोड़ो और मजदूरी करो।"
  • स्कूल से भगाया: परिजनों के अनुसार, 14 जुलाई को जतिन को स्कूल से भगा दिया गया था. वह रोता हुआ घर आया और परिजनों को बात बताई। समझाने के बावजूद वह छत वाले कमरे में गया और फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।

चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था जतिन
जतिन के पिता मनोज कुमार का करीब एक साल पहले (23 जुलाई 2025) लिवर की बीमारी के कारण निधन हो गया था।  वह होंडा कंपनी में काम करते थे। पिता की मौत के बाद मां मजदूरी करके घर चला रही हैं। जतिन चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। उसकी बड़ी बहन 12वीं पास करके घर पर रहती है, जबकि उसके दो छोटे जुड़वा भाई इसी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते हैं।

क्या कहती है पुलिस?
डीएसपी सिटी (DSP City) पवन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। छात्र के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया था। फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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