Updated: Thursday, July 16, 2026, 15:50 [IST]
Muradnagar Rajpal Tyagi Political Journey : उत्तर प्रदेश की राजनीति के बेताज बादशाह राजपाल त्यागी आज दुनिया में नहीं हैं। लेकिन, उनके नाम का जिक्र गाजियाबाद से लेकर यूपी की सियासत के दिग्गजों में अमर है। त्यागी का, 18 जुलाई 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ। एक साल बाद, अब उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि मिलने वाली है। दरअसल, 17 जुलाई 2026 यानी शु्क्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वर्गीय पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करने मुरादनगर पहुंच रहे हैं।
यह प्रतिमा क्षेत्र की जनता की भावनाओं और प्रेरणा का प्रतीक है, जो एक समर्पित नेता के योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाएगी। यह प्रतिमा राजस्थान के किशनगढ़ से बनकर आई है। इसे स्व. तेजपाल त्यागी, कुशलपाल त्यागी कॉलेज में स्थापित किया जाएगा। क्षेत्र के लोगों की प्रेरणा से इस मूर्ति का निर्माण कराया गया है।
यह मूर्ति वास्तव में ऐसे व्यक्तित्व की है, जिन्होंने अपने पूरे सियासी जीवनकाल में मुरादनगर को जिया है। वो अपने इस क्षेत्र के राजनीति के बेताज बादशाह रहे। कहा जाता है कि वो कभी टिकट मांगने दलों के पास नहीं जाते थे, बल्कि राजनीतिक दल उनके पास आते थे। आइए इस महान हस्ती के बारे में आपको रूबरू कराते हैं...
6 बार के विधायक, उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री
परशुराम त्यागी के घर जन्मे राजपाल त्यागी ने अपने सियासी जीवन की शुरुआत से पहले कानून (LLB) की पढ़ाई की। इसके बाद, गाजियाबाद में वकालत करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। धीरे-धीरे सियासत में पंजा जमाना शुरू कर दिया। वे लंबे समय तक कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे। करीब 8 वर्ष तक गाजियाबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहे। बाद में उन्होंने विधानसभा चुनावों में उतरकर अपनी अलग पहचान बनाई। मुरादनगर क्षेत्र से ही 6 बार विधायक रहे। इतना ही नहीं, तीन बार मंत्री पद, एक बार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और दो बार कैबिनेट मंत्री, पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।
परिवार में कौन-कौन? बेटा भी बना विधायक
आपको बता दें कि, राजपाल त्यागी के परिवार में पत्नी पत्नी लोकेश त्यागी, बड़े बेटे गिरीश पाल त्यागी और छोटे बेटे अजीत पाल त्यागी हैं। जानकारी के मुताबिक, छोटा बेटा अजीत पाल त्यागी अपने पिता की राह पर चल रहे हैं। मुरादनगर सीट से ही दो बार 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए। वो लगातार पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

क्यों कहा जाता था 'अजातशत्रु'?
राजपाल त्यागी जी को जनता का नेता माना जाता था। वो एकमात्र ऐसे विधायक यहां से रहे हैं जो अलग-अलग दलों की सरकारों में मंत्री रहे हैं। वो संगठन से भी जुड़े रहे और मुरादनगर की जनता से तो उनका जुड़ाव आत्मिक रहा है। उनका सम्मान राजनीतिक विरोधी भी करते थे। सादगी, सहज व्यवहार और जनता से सीधे संवाद के कारण उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'अजातशत्रु' (जिसका कोई दुश्मन न हो) नेता कहा जाता था।