क्लस्टर लीडर के समर्थन में DPM कार्यालय का घेराव: कंपनी के नियमों को लेकर दो गुट आमने-सामने, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी - Bhojpur News

Published on 3 अग॰ 2026

भोजपुर में 102 एंबुलेंस सेवा को लेकर चल रहा विवाद चल रहा है। कर्मचारियों ने सोमवार को जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड के क्लस्टर लीडर राजेश ओझा के समर्थन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कार्यालय का घेराव किया।

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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कंपनी प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि क्लस्टर लीडर को हटाया गया तो जिले में 102 एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो सकती है और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) 102 एंबुलेंस, भोजपुर के बैनर तले कर्मचारियों ने विरोध जताया। वहीं, इस मामले में दूसरा पक्ष भी है जो क्लस्टर लीडर को हटाने की मांग कर रहा है।

DPM कार्यालय के बाहर नारेबाजी, स्वास्थ्य विभाग से हस्तक्षेप की मांग

DPM कार्यालय के बाहर नारेबाजी, स्वास्थ्य विभाग से हस्तक्षेप की मांग

कंपनी के नियमों पर कुछ लोगों को आपत्ति है

संघ के जिला सचिव अरविंद कुमार चौबे ने बताया कि भोजपुर जिले में सरकारी 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन पिछले 2 वर्षों से जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। हर एंबुलेंस में एक ड्राइवर और एक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) कार्यरत रहते हैं, जबकि उनकी निगरानी के लिए कंपनी की ओर से क्लस्टर लीडर की नियुक्ति की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से निर्धारित नियमों का पालन कराने पर कुछ कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी के नियम के अनुसार सभी ड्राइवर और ईएमटी को ड्यूटी पर आने और जाने के समय एंबुलेंस के साथ फोटो अपलोड कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है।

इसी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। अरविंद चौबे ने कहा कि उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड कार्यालय में सुरक्षित रहता है और इसमें क्लस्टर लीडर की कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं होती।

मनमाने ढंग से हाजिरी काटने का आरोप गलत है

उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि क्लस्टर लीडर मनमाने ढंग से हाजिरी काटते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। कर्मचारियों की ड्यूटी के लिए जब क्लस्टर लीडर की ओर से कार्यालय के माध्यम से ऑडियो कॉल कर संपर्क किया गया, तब भी विरोध किया गया।

संघ के सचिव ने आरोप लगाया कि एक पूर्व क्लस्टर हेड सतनारायण सिंह को कंपनी ने करीब तीन माह बाद हटा दिया था। इसके बाद से कुछ लोग लगातार जिले का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़े ऑडियो और अन्य रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध हैं।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

अरविंद चौबे ने कहा कि उनका उद्देश्य जिले में 102 एंबुलेंस सेवा को निर्बाध रूप से संचालित रखना है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तनावपूर्ण स्थिति समाप्त की जाए, ताकि आम लोगों को एंबुलेंस सेवा का लाभ लगातार मिलता रहे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क्लस्टर लीडर राजेश ओझा को हटाया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे, जिससे जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।