CBSE 12वीं OSM मामले में 25 अगस्त को अगली सुनवाई, सोमवार तक हलफनामा दाखिला करेगी केंद्र सरकार

Published on 21 अग॰ 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं क्लास की काॅपियों की ऑन स्क्रीन मॉर्किंग (OSM) मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को OSM सिस्टम से परीक्षा कराने के लिए नियम बनाने के निर्देश देने की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान सीबीएसई OSM सिस्टम से प्रभावित स्टूडेंट्स के ग्रेस माॅर्क्स और कंपार्टमेंट एग्जाम में शामिल होने से रह गए स्टूडेंट्स को दोबारा मौका देने जैसे मामलों पर कोर्ट में बहस हुई.

इस मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अगली तारीख 25 अगस्त मंगलवार तय की है. तो वहीं सोमवार तक केंद्र सरकार इस मामले में लिखित हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगा. आइए, विस्तार से पूरा मामला जानते हैं.

हलफनामा दाखिल करने के लिए सोमवार तक का समय दें: SG

सीबीएसई OSM मामले को लेकर हुई सुनवाई में केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने पक्ष रखा. उन्होंने सीजेआई सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि लगभग 1.68 लाख स्टूडेंट्स ने शिकायत निवारण विंडो के जरिए CBSE से संपर्क किया और अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवाया.

SG तुषार मेहता ने कहा कि हमने एक नोट तैयार किया है, लेकिन मुझे लगता है कि इसे हलफनामे के तौर पर पेश किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह सोमवार तक का समय मांग रहे हैं. वह इस संबंध में सरकार से चर्चा करना चाहते हैं. ऐसे में सरकार से चर्चा करने से पहले, इसे लिखित रूप में देना शायद सही नहीं होगा.

कंपार्टमेंट एग्जाम के लिए आवेदन विंडो एक सप्ताह के लिए खुली थी

सुनवाई के दौरानसीजेआई सूर्य कांत ने कहा कि आपने कहा था कि कुछ चूक हो सकती है? इस पर SGमेहता ने कहा कि एक सदस्यीय समिति बनाई गई थी. एक हफ़्ते के लिए विंडो खुली थी. जिसे भी कोई दिक्कत थी, वह आकर आवेदन कर सकता था. उन्होंने कहा किलगभग 1.68 लाख स्टूडेंट्स ने आवेदन किया और उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन किया गया.

ग्रेस मॉर्क्स पर क्या हुआ?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जहां तक ​​शिकायतों की बात है तो और भी कई स्टूडेंटस हैं, जैसा कि पिछली बार बताया था. कुछ छात्रों ने दूसरे एंट्रेंस एग्जाम तो पास कर ली हैं, लेकिन वे CBSE में जरूरी न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाए हैं.

उन्होंने कहा कि ये मामला अभी भी लंबित है. वह अपने विद्वान साथी से इस पर ध्यान देने का अनुरोध करते हैं, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स प्रभावित हो रहे हैं.इस पर SGमेहता ने कहा कि यह मामला दूसरी परीक्षाओं से जुड़ा है, जिनके आधार पर इन मार्क्स पर विचार किया जाना है. उन परीक्षाओं को टाला नहीं जा सकता. हम IIT वगैरह की परीक्षाओं को नहीं टाल सकते.

दोबारा से आवेदन विंडो खोलना शायद मुमकिन नहीं

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आवेदन विंडो सिर्फ एक हफ़्ते के लिए खुली थी. अभी भी कुछ स्टूडेंट्स शिकायतें कर रहे हैं. क्या विंडो को फिर से खोला जा सकता है. इस पर SGमेहता ने कहा कि शायद यह मुमकिन न हो. उन्होंने जोड़ा कि वह अभी कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन सोमवार तक इस बारे में जानकारी रिकॉर्ड पर रखेंगे.साथ ही SG मेहता ने कहा कि कहने की जरूरत नहीं है. वह इसे विरोधी मुकदमे के तौर पर नहीं देख रहे हैं, लेकिन लगता है कि वे समय-सीमा चूक गए हैं.

मंगलवार को अगली सुनवाई

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि असल बात यह है कि बहुत से स्टूडेंट्सस समय-सीमा का पालन नहीं कर पाए हैं. वहीं सीजेआई सूर्य कांत ने निर्देश दिया कि एक जवाब दाखिल करें, जिसमें उन सभी तरह के मामलों का जिक्र हो, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि एक श्रेणी ऐसे लोगों की भी हो, जैसा कि आप कह रहे हैं, जिन्होंने जवाब तो दिया है, लेकिन उन्हें दस्तावेज नहीं मिले हैं. वहीं दूसरी श्रेणियां भी हो सकती हैं, जो बुनियादी ढांचे या तकनीकी कमियों के कारण उस कम समय में उन तक नहीं पहुंच पाईं.

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हम सटीक संख्या, स्टूडेंट्स के नाम और अन्य विवरण देंगे. हम इसे दाखिल कर सकते हैं. जैसा भी आपके लिए सुविधाजनक हो.सीजेआई ने कहा कि मंगलवार को मामले की आगे की सुनवाई की जाएगी.

अंशुमन यादव

अंशुमन यादव

अंशुमन यादव के पास पत्रकारिता की दुनिया में दो दशक का अनुभव है. ज़मीनी रिपोर्टिंग से लेकर ब्रेकिंग न्यूज़ तक कवर करने में सक्षम. बरेली रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से वर्ष 2005 में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2009 में सहारा समय न्यूज़ चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की. लगभग छह वर्षों तक सहारा समय में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद, वर्ष 2016 में इंडिया वॉयस न्यूज़ चैनल और फिर 2017 में देशबंधु ख़बर में अपनी सेवाएं दीं. साल 2019 से देश के प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल TV9 भारतवर्ष में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत.

Read More

google button