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सार
Nagpur Goa Expressway: नागपुर-गोवा समृद्धि महामार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और उचित मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली और चंद्रपुर के किसान एकजुट हो गए हैं।

किसान आंदोलन- फाइल फोटो (सोर्सः सोर्सः सोशल मीडिया)
विस्तार
Bhandara Farmers Protest: विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में कथित अन्याय और उचित मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में पूर्वी महाराष्ट्र के किसान आक्रोशित हैं। नागपुर-गोवा समृद्धि महामार्ग शीघ्रसंचार एक्सप्रेसवे से प्रभावित भंडारा, गड़चिरोली, गोंदिया और चंद्रपुर जिलों के किसानों की लाखांदुर में बैठक हुई। शीघ्रसंचार द्रुतगतीमार्ग शेतकरी संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित बैठक में सैकड़ों किसानों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए न्याय नहीं मिलने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
उचित मुआवजे की मांग
किसानों ने कहा कि विकास परियोजनाओं में प्रभावित किसानों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा। इससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। किसानों ने कहा कि यह लड़ाई केवल जमीन के मुआवजे की नहीं, बल्कि उनके अस्तित्व और भविष्य की है। यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो राज्यभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।
केवल किसानों की बलि क्यों
मोहरणा के संगठन अध्यक्ष उमेश राउत ने कहा कि हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की बलि केवल किसानों को ही क्यों देनी पड़े हमारी उपजाऊ जमीनों का जबरन अधिग्रहण कर हमें भूमिहीन बनाने की कोशिश की जा रही है। अगर सरकार ने हमें हमारी जमीन का उचित और बाजार दर के अनुसार न्यायसंगत मुआवजा नहीं दिया, तो हम अपनी जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।
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…तो होगा बड़ा जनआंदोलन
गोलेवाडी किसान दादाराम ठवकर ने कहा कि प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों की आवाज को दबाना चाहता है। अधिकारियों की इस अनदेखी के खिलाफ अब चारों जिलों के किसान एकजुट हो चुके हैं। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया, तो यह लड़ाई केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी जनआंदोलन का रूप लेगी।
