August 14, 2026

एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): अगर आप Awarapan 2 देखने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहले एक काम कर लीजिए Awarapan देख लीजिए। क्योंकि यह कोई ऐसी फिल्म नहीं है। जो पूरी तरह से नए दर्शक को ध्यान में रखकर बनाई गई हो। कहानी पहले पार्ट के बाद से आगे बढ़ती है और पुराने घटनाक्रम की झलकियों के जरिए शिवम पंडित की पिछली कहानी को फिर से सामने लाती है।
अब सवाल है कि 19 साल बाद शिवम की कहानी में नया क्या है?
इस बार शिवम की लड़ाई उसके अपने अतीत से ज्यादा किसी और की जिंदगी के लिए है। आलिया के गुजर जाने के बाद भी शिवम का प्यार उसके लिए कम नहीं हुआ है। एक दिन आलिया की कब्र पर उसे एक नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देती है। वह बच्ची को अनाथालय पहुंचाता है और उसका नाम आलिया रखता है। इसके बाद वह लगातार उस बच्ची और अनाथालय की मदद करता रहता है। लेकिन कहानी यहां से अचानक एक डार्क मोड़ लेती है।
आलिया को एक कपल गोद लेता है और कुछ समय बाद शिवम को पता चलता है कि वह बच्ची ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हो चुकी है। बस, यहीं से शिवम की जिंदगी का अगला मिशन शुरू होता है। इस बार उसके पास खोने के लिए बहुत कुछ है और बचाने के लिए एक मासूम जिंदगी।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
फिल्म सिर्फ यह नहीं दिखाती कि शिवम क्या कर रहा है, बल्कि यह भी समझाती है कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। प्यार, दर्द, लगाव और इंसानियत कहानी के चारों तरफ मौजूद हैं।
स्क्रीनप्ले काफी खूबसूरती से तैयार किया गया है। खासकर डायलॉग्स में पहले पार्ट की तुलना में ज्यादा गहराई दिखाई देती है। कई संवाद सीधे आपके दिल तक पहुंचते हैं और कुछ आपको सोचने पर मजबूर करते हैं।
नितिन कक्कड़ का डायरेक्शन भी अच्छा है। फिल्म को जरूरत से ज्यादा VFX से भरने की कोशिश नहीं की गई है। जहां जरूरत है, वहां इफेक्ट्स ठीक काम करते हैं। हालांकि एडिटिंग थोड़ी और टाइट होती तो फिल्म का फर्स्ट हाफ और ज्यादा असरदार बन सकता था।

म्यूजिक का क्या?
Awarapan का म्यूजिक आज भी लोगों को याद है और सीक्वल इस बात को अच्छी तरह समझता है। नए गाने फिल्म के मूड के साथ घुलते-मिलते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि म्यूजिक सिर्फ अलग से अच्छा नहीं लगता, बल्कि कहानी के साथ उसका कनेक्शन भी महसूस होता है।
अब बात इमरान हाशमी की
शिवम पंडित के रोल में इमरान हाशमी को देखना किसी नॉस्टेल्जिक ट्रीट से कम नहीं है। उनकी लंबी जुल्फें, इंटेंस आंखें और दमदार फिजीक किरदार को एक अलग स्क्रीन प्रेजेंस देते हैं।
लेकिन लुक से ज्यादा उनकी एक्टिंग प्रभावित करती है। गुस्से में भी, खामोशी में भी और दर्द वाले सीन्स में भी इमरान पूरी तरह शिवम नजर आते हैं।
शबाना आजमी का स्क्रीन टाइम सीमित है, लेकिन वह अपनी छाप छोड़ती हैं। पूरन गब्बी का स्क्रीन प्रेजेंस मजबूत है और उनकी बॉडी लैंग्वेज खास तौर पर ध्यान खींचती है। दिशा पाटनी भी सिर्फ ग्लैमर का हिस्सा नहीं हैं और अपने किरदार को अच्छी तरह निभाती हैं। सुविंदर विक्की और विजयंत कोहली समेत बाकी कलाकार भी कहानी का साथ देते हैं।
अंतिम निर्णय
Awarapan 2 में कुछ कमियां जरूर हैं। खासकर एडिटिंग थोड़ी और शार्प हो सकती थी। लेकिन इसके बावजूद फिल्म में वह चीज मौजूद है जो सबसे ज्यादा जरूरी है—दिल। नॉस्टेल्जिया आपको पहली फिल्म की याद दिलाएगा, इमरान हाशमी आपको स्क्रीन पर रोके रखेंगे और कहानी प्यार से लेकर इंसानियत तक एक खूबसूरत संदेश देती है।
देखें या नहीं?
अगर Awarapan आपके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक इमोशन है, तो Awarapan 2 को मिस करने की वजह नहीं है।
फिल्म: आवारापन 2
कलाकार: इमरान हाशमी, दिशा पाटनी, शबाना आज़मी, पूरन गब्बी, सुविंदर विक्की और विजयंत कोहली
निर्देशक: नितिन कक्कड़
रिलीज़ डेट: 14 अगस्त 2026
रनटाइम: 140 मिनट
रेटिंग: 3.5 स्टार्स
कहां देखें: सिनेमाघर