By Oneindia Staff
Published: Monday, September 28, 2026, 10:20 [IST]
धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project - DRP) को समय पर पूरा करने और गति देने के लिए अदाणी धारावी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) ने एक अहम फैसला लिया है। परियोजना में जानबूझकर रुकावट डालने या घर खाली करने में देरी करने वाले निवासियों का ट्रांजिट रेंट (अस्थायी किराया) घटा दिया गया है।
हालाँकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्वेच्छा से सहयोग करने वाले और अपने घर खाली करने वाले हज़ारों निवासियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्हें पहले की तरह पूरा ट्रांजिट रेंट और शिफ्टिंग अलाउंस मिलता रहेगा।
यह फैसला जमीन पर मिले हालिया अनुभवों के बाद लिया गया है। 16 झोपड़ियों को डिमोलिशन नोटिस दिए जाने के बाद, DRP ने प्रभावित परिवारों की काउंसलिंग की जिसके बाद बारह परिवार स्वेच्छा से शिफ्ट होने पर सहमत हो गए, जबकि बाकी चार ने घर खाली नहीं किया, जिससे DRP को पुलिस की सहायता लेनी पड़ी। एक अन्य, मामले में, DRP ने डिमोलिशन के लिए 85 और झोपड़ियों की पहचान की, और काउंसलिंग के बाद, सभी 85 परिवारों ने बिना किसी बल प्रयोग के स्वेच्छा से घर खाली कर दिए।
ANDPL के अनुसार, ये मामले दर्शाते हैं कि जहाँ अधिकांश निवासियों के लिए काउंसलिंग असरदार साबित हो रही है, वहीं कुछ लोग जानबूझकर इस प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं, जिससे अन्य लोगों के लिए भी प्रोजेक्ट अटक रहा है। ANDPL के प्रवक्ता ने कहा, "काउंसलिंग से परिवारों को स्वेच्छा से शिफ्ट होने में मदद मिली है, और यही हमारा दृष्टिकोण रहेगा। लेकिन जब तक कोई साइट आंशिक रूप से कब्जे में है, तब तक पुनर्वास निर्माण शुरू नहीं हो सकता। जब खाली करने में जानबूझकर देरी की जाती है, तो हज़ारों अन्य परिवारों को अपने पुनर्वास घरों के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है, जबकि श्रम और उपकरणों की लागत बढ़ती रहती है।"
ANDPL के प्रवक्ता के अनुसार, परियोजना स्थल पूरी तरह खाली हुए बिना पुनर्वास (Rehabilitation) का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता। जब कुछ लोग जानबूझकर कब्ज़ा नहीं छोड़ते, तो लाखों अन्य निवासियों को अपने नए घरों के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है, जिससे श्रम और उपकरणों की लागत भी लगातार बढ़ती है।
10 लाख लोगों के जीवन को बदलेगी यह परियोजना
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के निवासियों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
1 जनवरी 2000 से पहले के पात्र निवासी (ग्राउंड फ्लोर): इन्हें धारावी के भीतर ही 350 वर्ग फुट का नया घर बिल्कुल मुफ्त मिलेगा।
2000 से 2011 के बीच के निवासी: इन्हें ₹2.5 लाख के भुगतान पर शहर की सीमा के भीतर 300 वर्ग फुट का घर मिलेगा।
2011 के बाद के निवासी और ऊपरी मंजिल के निवासी (15 नवंबर 2022 तक): इन्हें धारावी के बाहर किफायती रेंटल पॉलिसी के तहत 300 वर्ग फुट का घर दिया जाएगा।
कानूनी आधार और नियम
महाराष्ट्र स्लम एरिया एक्ट, 1971 की धारा 33 व 38 और DCPR 2034 के नियमों के तहत, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जानबूझकर बाधा डालने वालों का ट्रांजिट लाभ पूरी तरह से रद्द किया जा सकता है। इसके बावजूद, ANDPL ने इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय किराए में केवल कटौती की है, ताकि पुलिस बंदोबस्त और देरी के कारण हुई अतिरिक्त लागत की आंशिक भरपाई की जा सके।ANDPL ने कहा कि दरों में कटौती का उद्देश्य निहित स्वार्थों के कारण असहयोग करने वाले निवासियों द्वारा जानबूझकर की जाने वाली देरी को हतोत्साहित करना है। महाराष्ट्र स्लम एरिया एक्ट, 1971 की धारा 33 और 38, और DCPR 2034 के नियम 33(10A) के क्लॉज 1.14(iii) और (iv) के तहत, अधिकारियों को उन निवासियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है जो एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजना में जानबूझकर देरी करने का प्रयास करते हैं-जिसमें किराए या ट्रांजिट आवास लाभ के उनके अधिकार को पूरी तरह से वापस लेना भी शामिल है।
इस प्रावधान के बावजूद, ANDPL ने कहा कि वह असहयोग करने वाले निवासियों को कम दरों पर ही सही, ट्रांजिट रेंट देना जारी रखेगा, ताकि पुलिस बंदोबस्त और अतिरिक्त श्रम व उपकरण खर्चों सहित ऐसे मामलों में परियोजना को होने वाली अतिरिक्त लागत की आंशिक भरपाई की जा सके।
नए संशोधित ट्रांजिट रेंट का ढांचा (Non-Cooperating Residents)
जानबूझकर देरी करने वाले निवासियों के लिए संशोधित किराया दरें इस प्रकार हैं:
ग्राउंड फ्लोर (भूतल) निवासी: ₹15,000 प्रति माह (पहले ₹18,000 था)।
अपर फ्लोर (ऊपरी मंजिल) निवासी: ₹12,000 प्रति माह (पहले ₹15,000 था)।
व्यावसायिक और औद्योगिक स्थान (Commercial & Industrial): ₹145 प्रति वर्ग फुट (पहले ₹175 प्रति वर्ग फुट था)।
शिफ्टिंग अलाउंस: असहयोग करने वाले परिवारों को ₹5,000 का एकमुश्त शिफ्टिंग अलाउंस नहीं मिलेगा।