Bihar Crime News: मुंगेर व्यवहार न्यायालय की अदालत ने डायल-112 के जमादार संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में आठों नामजद आरोपितों को दोषी करार दिया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाया. दोषियों की सजा के बिंदु पर 7 सितंबर को सुनवाई होगी.
अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद सभी आरोपितों को कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी वाहन से मुंगेर मंडल कारा ले जाया जा रहा था. इसी दौरान आरोपितों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान कैदी वाहन का शीशा भी तोड़ दिया गया. घटना में एक महिला सिपाही समेत दो पुलिस जवान घायल हो गए.
कोर्ट परिसर में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस अब उपद्रव करने वाले आरोपितों के खिलाफ अतिरिक्त प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है.
होली के दिन विवाद शांत कराने पहुंचे थे जमादार
यह मामला 14 मार्च 2025 यानी होली के दिन का है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के पास दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची थी. उस समय सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के साथ सिपाही दीपक कुमार भी मौजूद थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत कराया था.
इसी दिन शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने हो गए. विवाद की जानकारी मिलने पर जमादार संतोष कुमार सिंह दूसरे पक्ष को समझाने उनके घर के आंगन में पहुंचे. आरोप है कि वहां मौजूद राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी ने उन पर हमला कर दिया.
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे संतोष कुमार सिंह
हमले में गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए पारस अस्पताल, पटना ले जाया गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद सिपाही दीपक कुमार के बयान पर मुफस्सिल थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने सभी आठ आरोपितों को दोषी करार दिया. अब अदालत 7 सितंबर को दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी.