मगध यूनिवर्सिटी में 7.5 CGPA की अनिवार्यता हटी: NSUI के धरने के बाद डिसिजन लिया वापस, अब 7वें सेमेस्टर में स्टूडेंट्स एडमिशन ले सकेंगे - Gaya News

Published on 1 अग॰ 2026

गयाजी13 घंटे पहले

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जगजीवन कॉलेज NSUI अध्यक्ष वैभव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा से जोड़ना होना चाहिए न कि उन्हें बाहर करना। - Dainik Bhaskar

जगजीवन कॉलेज NSUI अध्यक्ष वैभव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा से जोड़ना होना चाहिए न कि उन्हें बाहर करना।

मगध यूनिवर्सिटी में 7वें सेमेस्टर में नामांकन के लिए 7.5 CGPA की अनिवार्यता के खिलाफ NSUI का आंदोलन सफल रहा। एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने फैसला बदल दिया। अब 7.5 से कम CGPA प्राप्त छात्र-छात्राएं भी 7वें सेमेस्टर में नामांकन ले सकेंगे।

NSUI मगध विश्वविद्यालय इकाई के बैनर तले आयोजित धरने का नेतृत्व अध्यक्ष संतोष कुमार सोनू ने किया था। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे और CGPA की अनिवार्यता का विरोध किया। छात्रों का कहना था कि यह फैसला हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर असर डालने वाला था।

यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट से बात करते एनएसयूआई के कार्यकर्ता।

यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट से बात करते एनएसयूआई के कार्यकर्ता।

छात्र कल्याण पदाधिकारी और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी

धरने के दौरान NSUI प्रतिनिधिमंडल ने छात्र कल्याण पदाधिकारी और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी। आंदोलन के बीच ही छात्र कल्याण पदाधिकारी ने आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि 7.5 से कम CGPA वाले छात्र-छात्राओं को भी 7वें सेमेस्टर में नामांकन से वंचित नहीं किया जाएगा।

फैसले की घोषणा होते ही धरना स्थल पर मौजूद छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने इसे लोकतांत्रिक संघर्ष और छात्र एकता की जीत बताया।

NSUI अध्यक्ष संतोष कुमार सोनू ने कहा कि विश्वविद्यालय का पहले का निर्णय छात्र हितों के खिलाफ था। आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक कारणों से कई छात्र बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। ऐसे छात्रों को आगे की पढ़ाई से रोकना उचित नहीं था।

जगजीवन कॉलेज NSUI अध्यक्ष वैभव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा से जोड़ना होना चाहिए न कि उन्हें बाहर करना। यदि यह फैसला वापस नहीं होता तो बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो जाता।

उन्होंने मांग की कि भविष्य में छात्र हित से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र प्रतिनिधियों से संवाद करे। ताकि किसी भी छात्र को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

धरना-प्रदर्शन में सिंटू मिश्रा, विक्रम चौधरी, सतीश कुमार, गुलशन कुमार, अविनाश कुमार, संजीत कुमार, दीपक कुमार, उपेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

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