पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में 600 कांवड़ियों की 151 किमी कांवड़ यात्रा 5वें दिन जलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। भक्ति, आस्था और जनसहभागिता के बीच हुआ जलाभिषेक।
भावना बोहरा के नेतृत्व में सनातन आस्था का विराट संगम
- Published: 14 Aug 2026, 05:39 PM IST
- Last Updated: 14 Aug 2026, 05:56 PM IST
महेश मिश्रा- कवर्धा। छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और सर्वमंगल की कामना के साथ सावन के द्वितीय सोमवार को पंडरिया विधायक भावना बोहरा और उनके साथ लगभग 600 कांवड़ यात्रियों ने माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा प्रारंभ की। यात्रा के पांचवे दिन ग्राम मोहतरा में भक्ति-भजन के साथ सभी कांवड़ियों ने पूरे उत्साह और उर्जा के साथ मोहतरा से जलेश्वर महादेव मंदिर ग्राम डोंगरिया की यात्रा के लिए प्रस्थान किया और जलेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की।
कांवड़ियों में एक नई उर्जा और उत्साह
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ.रमन सिंह जी ने पंडरिया विधायक भावना बोहरा और कांवड़ यात्रियों के साथ फोन पर बात कर सभी को इस पुण्य यात्रा के लिए अपनी बधाई व शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष की शुभकामनाओं से कांवड़ियों में एक नई उर्जा और उत्साह स्पस्ट रूप से देखने को मिला।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में 600 कांवड़ियों की 151 किमी कांवड़ यात्रा 5वें दिन जलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। भक्ति, आस्था और जनसहभागिता के बीच हुआ जलाभिषेक। @KabirdhamDist #Chhattisgarh @BhawnaBohrabjp pic.twitter.com/wHtfsxJLmh
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) August 14, 2026

कांवड़ियों का पुष्पवर्षा और बाजे-गाजे के साथ किया स्वागत
इस दौरान यह मोहतराखुर्द से प्रारंभ होकर तेन्दुवाडीह, पंडरिया, रौहा, परसवारा, दशरंगपुर, चारभांठा होते हुए विजय पेट्रोल पंप के पास नहर रोड से डोंगरिया मार्ग की ओर आगे बढ़ेगी। जिन-जिन मार्गों से यह यात्रा गुजरी वहां-वहां क्षेत्रवासियों से अपार उत्साह और भक्ति भावना देखने को मिली। क्षेत्रवासियों, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक एवं हिन्दू संगठनों ने विधायक भावना बोहरा और कांवड़ियों का पुष्पवर्षा, बाजे-गाजे के साथ भव्य स्वागत किया।

भाव-विभोर होकर झूमते आए नजर
कांवड़ यात्रा के आगमन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा और चरों ओर अध्यात्मिक वतावरण ने सबके ह्रदय में शिवभक्ति का प्रवाह किया। यात्रा के पांचवें दिन की शुरुआत केवल पदयात्रा से नहीं, बल्कि भक्ति और लोक आस्था के सुंदर संगम के साथ हुई। ग्राम मोहतरा में यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व स्थानीय रामधुनी मंडली द्वारा भगवान भोलेनाथ के भजनों की प्रस्तुति की गई। भजनों और रामधुनी की भक्तिमय धुनों के बीच कांवड़िये भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।

बोल बम और हर हार महादेव के लगाए जयघोष
इसके बाद ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ कांवड़ियों ने जलेश्वर महादेव के जलाभिषेक के संकल्प को लेकर अपनी यात्रा आगे बढ़ाई। इस दौरान पंडरिया नगर में आगमन पर विधायक भावना बोहरा और कांवड़ियों के स्वागत के लिए शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा नगर बोल बम और हर हार महादेव के नारे के साथ भगवामाय दिखा। हर किसी के हृदय में शिवजी के प्रति आस्था और इस यात्रा के स्वागत के लिए स्नेह अपार दिखा।

बाबा भोलेनाथ से की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि, यह यात्रा केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प और जन-जन के स्नेह से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव है। हर पड़ाव पर मिल रहा लोगों का अपनत्व और आशीर्वाद हम सभी के लिए ऊर्जा का स्रोत है। बाबा भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि, छत्तीसगढ़ पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली आए।

भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था
कांवड़ यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय लोगों का आत्मीय स्वागत, सहयोग और सहभागिता इस यात्रा को विशेष बना रहा है। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र जहाँ से भी यह यात्रा गुजर रही है यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। कठिन रास्तों और लंबी दूरी के बावजूद कांवड़ियों के कदमों में उत्साह और मन में भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था बनी हुई है।

विधायक ने क्षेत्रवासियों का किया हृदय से आभार व्यक्त
उन्होंने कहा कि, माँ नर्मदा के पावन जल को लेकर भोरमदेव धाम तक पहुंचने का संकल्प निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आगामी 16 अगस्त को भोरमदेव में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। आज यात्रा के दौरान पांडातराई, पंडरिया और जिन मार्गों से यह यात्रा गुजरी है वहां क्षेत्रवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत के लिए मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। हमारी धार्मिक संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक है कांवड़ यात्रा, जो भक्ति, समर्पण और सामूहिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करती है।
आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति का दिव्य संगम
शिवभक्तों का यह विशाल जनसमूह सनातन संस्कृति, आस्था, परंपरा और भगवान भोलेनाथ के प्रति विश्वास का प्रतिबिंब है जो बताता है कि, भारतीय संस्कृति का गौरवशाली इतिहास आज भी उतना ही शास्वत व अनंत है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सामाजिक उत्सव है, जो हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और हमें हमारे मूल्यों की याद दिलाता है। भगवान भोलेनाथ सबका कल्याण करें और अपनी कृपा दृष्टि से सबके जीवन मे सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखें यही मंगलकामना है।
(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)