20 सितंबर 2026, कुशीनगर: कुशीनगर में रबी फसलों के प्रमाणित बीज पर 50% सब्सिडी, ऑनलाइन पंजीयन शुरू – रबी सीजन 2026-27 की बुवाई से पहले उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला कृषि विभाग ने किसानों के लिए प्रमाणित बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी की घोषणा की है। यह सुविधा गेहूं, चना, मटर, मसूर, जौ, सरसों और अलसी जैसी प्रमुख रबी फसलों के बीज पर मिलेगी।
कैसे करें आवेदन
इच्छुक किसानों को राज्य सरकार के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। बीज का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा, यानी पंजीकृत किसानों में से लॉटरी निकालकर बीज आवंटित किए जाएंगे। इससे बीज वितरण में पारदर्शिता बनी रहती है और सीमित मात्रा में उपलब्ध बीज सभी पात्र किसानों में समान अवसर के आधार पर बंटते हैं।
विभाग किसानों को मुफ्त बीज मिनी-किट भी बांट रहा है, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी नई या बेहतर किस्मों को कम जमीन पर आजमा सकें और बाद में बड़े रकबे में अपनाने का फैसला ले सकें। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह के मुताबिक किसान पोर्टल के जरिए संबंधित फसलों के बीज ऑनलाइन बुक करा सकते हैं, और उन्होंने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
ऑनलाइन दिक्कत होने पर कहां जाएं
जिन किसानों को ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो रही है, वे अपने नजदीकी ब्लॉक स्तरीय सरकारी बीज भंडार या कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने अभी तक आवेदन की कोई अंतिम तारीख सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन अधिकारियों ने बुवाई शुरू होने से पहले समय पर पंजीयन कराने की सलाह दी है, ताकि बीज मिलने में देरी न हो और सही समय पर बुवाई हो सके।
जिले में यह जानकारी दो स्वतंत्र क्षेत्रीय हिंदी अखबारों की 17 सितंबर 2026 की रिपोर्टों से सामने आई है, जिनमें बीज सूची, सब्सिडी प्रतिशत, पोर्टल का नाम और जिला कृषि अधिकारी का बयान एक जैसा दर्ज है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि दो स्रोतों से हो चुकी मानी जा सकती है।
किसानों के लिए सलाह
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रमाणित बीज इस्तेमाल करने से न सिर्फ फसल का अंकुरण बेहतर होता है, बल्कि बीज जनित रोगों का खतरा भी काफी कम हो जाता है। स्थानीय बीज भंडारों में सीमित मात्रा में ही सब्सिडी वाला बीज उपलब्ध होगा, इसलिए विभाग किसानों से जल्द पंजीयन कराने की अपील कर रहा है। जिन किसानों ने पिछले सीजन में गैर-प्रमाणित या घर के बचाए हुए बीज इस्तेमाल किए थे, उन्हें खासतौर पर इस सब्सिडी का फायदा उठाने की सलाह दी जा रही है।
पड़ोसी जिलों के किसानों के लिए भी संकेत
कुशीनगर की तरह उत्तर प्रदेश के कई और जिलों में भी हर साल रबी सीजन से पहले जिला कृषि विभाग की ओर से इसी तरह की सब्सिडी योजनाएं लागू की जाती हैं, हालांकि सब्सिडी का प्रतिशत और फसल सूची जिले-दर-जिले अलग हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान बुवाई से कम से कम दो-तीन हफ्ते पहले अपने जिले की आधिकारिक वेबसाइट या कृषि कार्यालय से योजना की सही जानकारी जरूर लें, ताकि पंजीयन और ई-लॉटरी की तारीख न छूटे।
कृषि विभाग के मुताबिक हर साल रबी सीजन में गेहूं और सरसों की मांग सबसे ज्यादा रहती है, इसलिए इन दोनों फसलों के प्रमाणित बीज का स्टॉक सीमित होने पर जल्दी खत्म हो सकता है। विभाग ने सुझाव दिया है कि जिन किसानों को इन फसलों के बीज चाहिए, वे पंजीयन में देरी न करें, ताकि ई-लॉटरी में शामिल होने का मौका मिल सके।
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