5 किलो और 500 रुपये से बदला जादूमणि सिंह का करियर, अब जीता CWG 2026 में सिल्वर मेडल

Published on 1 अग॰ 2026

5 किलो और 500 रुपये से बदला जादूमणि सिंह का करियर, अब जीता CWG 2026 में सिल्वर मेडल

जादूमणि सिंह गोल्ड से चूके (फोटो-पीटीआई)

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के मुक्केबाजों का कमाल प्रदर्शन जारी है. ग्लास्गो में प्रीति पवार और जैस्मिन की गोल्डन जीत के बाद मुक्केबाज जादूमणि सिंह मंदेंगबाम ने भी अपने पंचों का जादू दिखाया. जादूमणि सिंह ने 55 किलो वर्ग के फाइनल में अच्छा खेल दिखाया लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हुई. खिताबी जंग में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से मैच गंवाया. जादूमणि सिंह को सिल्वर मेडल हासिल हुआ है. ये मैच जादूमणि हारे जरूर लेकिन उन्होंने कमाल प्रदर्शन किया. आखिरी क्षणों तक उन्होंने गोल्ड जीतने की कोशिश की लेकिन अंत में फैसला उनके खिलाफ गया.

जादूमणि का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में प्रदर्शन

  • राउंड ऑफ 32: स्कॉटलैंड के एरॉन कलन को 5-0 से हराया
  • राउंड ऑफ 16: पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराया
  • क्वार्टरफाइनल: जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को 5-0 से हराया
  • सेमीफाइनल: नामीबिया के फिलिप हाओसेब को हराया.
  • फाइनल: ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से हार

5 किलो, 500 रुपये से बदला करियर

जादूमणि सिंह मंदेंगबाम कभी 50 किलो वर्ग में खेला करते थे लेकिन उन्होंने इसके बाद अपना वजन 5 किलो बढ़ाकर 55 किग्रा वर्ग में खेलने का फैसला किया. उनके इस फैसले की काफी आलोचना हुई लेकिन इस खिलाड़ी ने सार्वजनिक मंच पर कहा कि अगर वो इस कैटेगिरी में अच्छा नहीं कर पाए तो बॉक्सिंग छोड़ देंगे. जादूमणि ने 55 किलो वर्ग में कमाल प्रदर्शन किया.

जादूमणि कभी फुटबॉल खेला करते थे लेकिन अपने चाचा के कहने पर उन्होंने बॉक्सिंग शुरू की. इंफाल में उन्होंने 2016 में महज 28 किलो का होते हुए 36 किलो वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन किया. पूर्व भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम और एल. सरिता देवी ने उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्हें 500-500 रुपये इनाम दिए. जिसके बाद जादूमणि ने बॉक्सिंग को करियर बना लिया.

अनूप देव सिंह

अनूप देव सिंह

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल  2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.

Read More

google button