ग्वालियर6 घंटे पहले
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टनल के भीतर जाकर सिंधिया ने निरीक्षण किया।
ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक निवेश के साथ पेयजल परियोजनाओं को गति देने की कवायद तेज हो गई है।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को ग्वालियर में माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद मुरैना जिले के कोतवाल पहुंचकर चंबल पेयजल परियोजना का भी निरीक्षण किया।
साडा में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
साडा क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा और देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित करने की योजना है। सिंधिया ने अधिकारियों और उद्योग विभाग (MPIDC) की टीम के साथ क्षेत्र का जायजा लिया और प्रस्तावित जोन का मैप देखकर विस्तृत जानकारी ली।
दिल्ली और मुंबई में हुए रोड शो के बाद अब तक 5,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई। मंगलुरु में अंतिम रोड शो पूरा होने के बाद चयनित कंपनियों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सिंधिया की मौजूदगी में निवेशक कंपनियों के प्रमुखों के साथ भूमि पूजन किए जाने की तैयारी है।
प्रोजेक्ट के पूरी तरह शुरू होने पर 15 से 18 हजार प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। वहीं परिवहन, सुरक्षा, कैटरिंग, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय कारोबार से जुड़े करीब 80 से 90 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है। इसे पिछले करीब 25 वर्षों में ग्वालियर-चंबल अंचल का बड़ा औद्योगिक निवेश बताया जा रहा है।


कंपनियों को दी जाएगी जमीन
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मंगलुरु का राउंड पूरा होते ही चयनित कंपनियों को जमीन आवंटित कर दी जाएगी और इसके बाद ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमि पूजन किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने स्पष्ट किया कि दिल्ली और मुंबई में आयोजित रोड शो की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब अंतिम चरण का रोड शो (मंगलुरु) पूरा होते ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जॉन के मैप को देखकर महिला अधिकारी से जानकारी लेते हुए सिंधिया।
कोतवाल में पाइपलाइन के अंदर जाकर जांची गुणवत्ता
इसके बाद सिंधिया ने मुरैना जिले के कोतवाल में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से बन रही चंबल कोटा-कोतवाल वाटर सप्लाई लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने कोतवाल डैम और इंटेक वेल स्थल पर निर्माणाधीन पाइपलाइन और पंपिंग सेटअप की जांच की।
सिंधिया ने केवल बाहरी निर्माण देखने के बजाय पाइपलाइन और इंटेक वेल के आंतरिक हिस्से में जाकर वेल्डिंग, अलाइनमेंट और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता देखी। उन्होंने इंजीनियरों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पाइपलाइन में लीकेज या घटिया वेल्डिंग की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से परियोजना को तय समय-सीमा में पूरा करने को कहा, ताकि मुरैना और ग्वालियर अंचल के लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान ग्वालियर दक्षिण विधायक नारायण सिंह कुशवाहा, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, संभाग व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग विभाग की टीम मौजूद रही।
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