भीलवाड़ा में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से 400 दुकानें-ऑफिस बंद: टैक्स, ई-चालान और नए नियमों के विरोध में चक्का जाम किया - Bhilwara News

Published on 13 जुल॰ 2026

भीलवाड़ा में ट्रांसपोर्ट कारोबार पर बढ़ते टैक्स, नए नियम, ई-चालान और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों के विरोध में सोमवार को ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद रहा। ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम करते हुए विरोध दर्ज कराया। हड़ताल और बंद के चलते शहर में ट्रांसपोर्ट कारोबा

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हड़ताल के चलते ट्रांसपोर्ट मार्केट में सन्नाटा छाया रहा

हड़ताल के चलते ट्रांसपोर्ट मार्केट में सन्नाटा छाया रहा

3 करोड़ रुपए से ज्यादा कारोबार प्रभावित होने का अनुमान

ट्रांसपोर्टरों के अनुसार चक्का जाम के कारण सोमवार को 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। ट्रांसपोर्ट नगर में दिनभर ट्रकों की आवाजाही बंद रही और माल ढुलाई का काम नहीं हो सका।

आने वाले दिनों में आंदोलन को और प्रभावी बनाने के लिए बंद के दौरान ट्रांसपोर्टरों की बैठक भी हुई। इसमें कई समितियों का गठन किया गया और आगे की रणनीति तैयार की गई।

ट्रांसपोर्ट कारोबार पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ

भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि लगातार नए नियम, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्माना और अतिरिक्त वित्तीय बोझ के कारण ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कारोबार की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

हड़ताल के चलते ट्रकों के चक्के जाम रहे, लोडिंग अनलोडिंग प्रभावित हुई

हड़ताल के चलते ट्रकों के चक्के जाम रहे, लोडिंग अनलोडिंग प्रभावित हुई

ई-चालान और ग्रीन टैक्स का विरोध

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में भी मनमाने तरीके से ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक जैसे पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स वसूले जाने का विरोध किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई फिटनेस सेंटर बंद होने या उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित रहने से वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट समय पर नहीं बन पा रहे हैं। इससे वाहनों को खड़ा रखना पड़ रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ट्रांसपोर्टरों ने मीटिंग कर आगे की रणनीति पर चर्चा की

ट्रांसपोर्टरों ने मीटिंग कर आगे की रणनीति पर चर्चा की

जीपीएस व्यवस्था और जुर्माने को लेकर भी नाराजगी

ट्रांसपोर्ट संगठनों ने परमिट, फिटनेस, टैक्स, ई-चालान, बढ़ते जुर्माने और व्यावसायिक वाहनों में जीपीएस अनिवार्य किए जाने को भी प्रमुख समस्याओं में शामिल बताया है।

संगठनों ने जीपीएस व्यवस्था को खत्म करने या इसे स्वैच्छिक बनाने की मांग दोहराई। बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर बैठक में शामिल हुए और आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।

लंबी हड़ताल से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका

अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले ही दिन भीलवाड़ा में हजारों ट्रकों के पहिए थम गए। इसका असर माल परिवहन पर दिखाई देने लगा है।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो भीलवाड़ा समेत पूरे प्रदेश में उद्योगों, व्यापार, टेक्सटाइल, सीमेंट और जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।