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- Edited by: पीयूष कुमार
- Updated Jul 13, 2026, 05:24 PM IST
Bankipur By Election: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। प्रशांत किशोर ने इसे बिहार में राजनीतिक बदलाव की शुरुआत बताते हुए उपचुनाव को NDA सरकार पर 'रेफरेंडम' करार दिया, जबकि भाजपा ने युवा नेता नीरज सिन्हा पर दांव लगाया है।
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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रशांत किशोर ने भरा नामांकन। ANI
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Bankipur By Election: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। दोनों नेताओं के नामांकन के साथ ही इस सीट पर चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
प्रशांत किशोर अपनी पत्नी जाह्नवी दास के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। असम की रहने वाली और पेशे से डॉक्टर जाह्नवी आमतौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखती हैं, लेकिन अपने पति के पहले चुनाव में वह उनके साथ नजर आईं। नामांकन दाखिल करने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा, "यह सिर्फ मेरा नामांकन नहीं, बल्कि बिहार में राजनीतिक बदलाव का आह्वान है। अब आपराधिक छवि वाले लोगों को सत्ता छोड़नी होगी।"
एनडीए सरकार के लिए 'रेफरेंडम': प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर पहले भी कह चुके हैं कि बांकीपुर उपचुनाव बिहार की NDA सरकार के लिए 'रेफरेंडम' साबित होगा। उनका दावा है कि अगर उन्हें जीत मिलती है तो बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर नैतिक दबाव बनेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने आपराधिक मामले का भी जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा। नामांकन से पहले प्रशांत किशोर ने डाकबंगला चौराहे से कलेक्ट्रेट तक एक बड़ा रोड शो निकाला। इससे पहले उन्होंने पुलिस लाइन के पास एक जनसभा को भी संबोधित किया।
बीजेपी ने युवा चेहरे नीरज कुमार सिन्हा पर लगाया दांव
वहीं, BJP उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने भी सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ सांसद रविशंकर प्रसाद और बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी मौजूद रहे।
32 वर्षीय नीरज सिन्हा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) से जुड़े हैं। पार्टी ने उन्हें उस समय उम्मीदवार बनाया, जब पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार 'बंटी' ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से अपना नाम वापस ले लिया।
क्यों अहम है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर सीट BJP का पारंपरिक गढ़ मानी जाती है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी। ऐसे में इस उपचुनाव को बिहार की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
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पीयूष कुमार author
पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें
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