बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन की सीमा को फिर से 4 लाख रुपये कर दिया है। 19 अगस्त का आदेश रद्द होने से छात्रों को राहत मिली है।
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन की सीमा को फिर से 4 लाख रुपये कर दिया है। (Ai Image)
- Published: 30 Aug 2026, 02:28 PM IST
- Last Updated: 30 Aug 2026, 02:28 PM IST
Bihar Student Credit Card: बिहार के उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर कुछ दिन पहले लिए गए अपने फैसले को पूरी तरह से पलट दिया है। सरकार ने शिक्षा लोन की अधिकतम सीमा घटाने से जुड़ा 19 अगस्त का अपना पुराना आदेश रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अब छात्रों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से पहले की तरह फिर से पूरे 4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त एजुकेशन लोन मिल सकेगा।
महज 10 दिन के भीतर सरकार ने बदला अपना निर्णय
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग ने 19 अगस्त 2026 को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में एक नया आदेश जारी किया था। उस अधिसूचना के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से मिलने वाले एजुकेशन लोन की अधिकतम सीमा को 4 लाख से घटाकर सीधे 2 लाख रुपये कर दिया गया था।
हालांकि, इस फैसले के लागू होने के करीब 10 दिन बाद ही सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए। उच्च शिक्षा विभाग ने 29 अगस्त को नया आदेश जारी करते हुए 19 अगस्त के उस आदेश और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
छात्रों की बढ़ी थी चिंता, विपक्ष ने भी सरकार को घेरा था
लोन की सीमा को घटाकर 2 लाख रुपये किए जाने के बाद से ही राज्य के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के सामने उच्च शिक्षा के लिए शेष राशि जुटाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया था, क्योंकि 2 लाख से अधिक की जरूरत पड़ने पर उन्हें अन्य कमर्शियल बैंकों का रुख करना पड़ता।
इस फैसले के बाद सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई थी। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि राज्य सरकार आर्थिक दबाव से जूझ रही है, जिसके कारण स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि घटाई जा रही है और इसका असर छात्रों की स्कॉलरशिप पर भी पड़ रहा है। विपक्ष के तीखे तेवर और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आखिरकार सरकार को अपना यह फैसला वापस लेना पड़ा।
ब्याज मुक्त लोन मिलने से छात्रों को मिली बड़ी राहत
19 अगस्त के फैसले के विवाद में आने पर सरकार ने तर्क दिया था कि सुविधा खत्म नहीं की गई है, बल्कि वित्त निगम से 2 लाख रुपये और उससे अधिक की आवश्यकता होने पर 'पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल' के जरिए कमर्शियल बैंकों से लोन लेने की व्यवस्था की गई थी।
आपको बता दें कि बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाला लोन पूरी तरह से ब्याज मुक्त होता है, जबकि कमर्शियल बैंकों के एजुकेशन लोन पर करीब 7 प्रतिशत तक ब्याज लग सकता है (जिसमें सरकार द्वारा 3 प्रतिशत छूट की बात कही गई थी)। अब लोन की पुरानी सीमा यानी 4 लाख रुपये दोबारा बहाल होने से विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के अतिरिक्त ब्याज के बोझ से मुक्ति मिल गई है।