पाटन कोर्ट ने दीपक उर्फ अविनाश झा और मायाशंकर तिवारी को हत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी माना
भिलाई-3 के गांधीनगर में हुए पूजा निर्मलकर हत्याकांड में पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी दीपक उर्फ अविनाश झा और मायाशंकर तिवारी उर्फ राजू उर्फ मिथ्थैया को हत्या और साक्ष्य मिटाने क
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दोनों पर धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत उम्रकैद और धारा 201 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है।
शराब पीने के दौरान विवाद, फिर पूजा की हत्या
अभियोजन के अनुसार, 23 फरवरी 2022 को पूजा आरोपी दीपक के गांधीनगर स्थित किराए के मकान में थी। वहां मायाशंकर भी पहुंचा था। दोनों ने शराब पी और डांस किया। इसी दौरान पूजा और मायाशंकर के बीच कथित आपत्तिजनक व्यवहार को देखकर दीपक नाराज हो गया।
आरोप है कि दीपक ने पहले मायाशंकर पर शराब की बोतल से हमला किया। इसके बाद मायाशंकर वहां से भाग गया। उसके जाने के बाद दीपक ने पूजा के साथ मारपीट की। रात में उसकी हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाने के बजाय दोनों आरोपियों पर उसकी हत्या करने का आरोप लगा।
अभियोजन के मुताबिक, दोनों ने पूजा को पकड़कर उसका सिर दीवार से टकराया और फिर टूटी कांच की बोतल से उसके सिर और शरीर पर वार किए। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
पूरा दिन कमरे में रखा शव, रात में खंडहर में फेंका
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को तत्काल बाहर नहीं निकाला। पुलिस जांच के अनुसार, शव को पूरा दिन कमरे में रखा गया। इसके बाद 24 फरवरी की देर रात शव को चादर में लपेटकर बाइक से जोरातराई की पुरानी देशी शराब भट्टी के पास स्थित खंडहर में ले जाकर छिपा दिया गया।
25 फरवरी को हरिश नायक ने खंडहर में शव पड़े होने की सूचना उतई पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मृतका की पहचान उसकी मां नीरू निर्मलकर और बहन नेहा सोना ने पूजा के रूप में की।
मां की शिकायत के बाद सामने आई हत्या की कड़ी
पूजा की मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच में पता चला कि पूजा अपने पति से अलग होकर दीपक के साथ भिलाई-3 के गांधीनगर में रह रही थी। दोनों के बीच अक्सर विवाद होने की जानकारी भी सामने आई।
पुलिस ने दीपक को पकड़ने के बाद पूछताछ की और मामले में मायाशंकर की भूमिका भी सामने आई। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
बचाव पक्ष ने सजा में नरमी की मांग की
सजा के दौरान बचाव पक्ष ने दोनों आरोपियों का पहला अपराध होने और लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में रहने का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की। वहीं अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा देने की मांग की।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को धारा 302 सहपठित धारा 34 और धारा 201 के तहत दोषी माना।
उम्रकैद के साथ 5 हजार रुपए जुर्माना
धारा 302/34 के तहत दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड नहीं देने पर 5 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वहीं धारा 201 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं समानांतर रूप से चलेंगी।
1638 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे आरोपी
अदालत के निर्णय के अनुसार, दोनों आरोपी 25 फरवरी 2022 से 21 अगस्त 2026 तक कुल 1638 दिन, यानी करीब 4 वर्ष 5 माह 27 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों के सजा वारंट तैयार कर उन्हें केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया गया।
दुर्ग जिले के भिलाई-3 के गांधीनगर में पूजा निर्मलकर हत्याकांड में पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दीपक उर्फ अविनाश झा और मायाशंकर तिवारी उर्फ राजू उर्फ मिथ्थैया को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया। यह फैसला 21 अगस्त 2026 को आया।
अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास और धारा 201 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
पूजा का शव जोरातराई स्थित पुरानी देशी शराब भट्टी के पास एक खंडहर में मिला था। हरिश नायक ने 25 फरवरी 2022 को उतई पुलिस को इसकी सूचना दी थी। पुलिस ने तत्काल मर्ग क्रमांक 09/2022 दर्ज किया।
इसके बाद मृतका की मां नीरू निर्मलकर की रिपोर्ट पर धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और पंचों के समक्ष शव पंचनामा की कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दुर्ग भेजा गया।
मृतका की पहचान उसकी मां नीरू निर्मलकर और बहन नेहा सोना ने पूजा निर्मलकर के रूप में की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूजा निर्मलकर पहले से शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे थे।
वह बाद में अपने पति को छोड़कर आरोपी दीपक उर्फ अविनाश झा के साथ गांधीनगर, भिलाई-3 स्थित एक किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों के बीच अक्सर विवाद और लड़ाई-झगड़ा होता था।
न्यायालय के निर्णय में बताया गया कि 23 फरवरी 2022 की दोपहर दोनों आरोपियों ने मिलकर पूजा की हत्या की थी। आरोप के अनुसार, उन्होंने पूजा को पकड़कर उसका सिर दीवार से टकराया। इसके बाद उसकी छाती पर बैठकर कांच के टुकड़े से उसके सिर और शरीर पर कई बार वार किए गए।