पाटलिपुत्र टाउनशिप; 273 गांवों की जमीन लेना चुनौती: पहले चरण में कोर एरिया के 19 गांवों की जमीन को विकसित करने की योजना - Patna News

Published on 16 सित॰ 2026

पटना31 मिनट पहले

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पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सरकार के स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसका प्रारूप प्रकाशन हुआ है। प्रस्तावित क्षेत्र में 9 प्रखंडों के 273 गांवों की जमीन लेकर नए शहर बसाने की योजना है। पुनपुन, नौबतपुर, मसौढ़ी, फतुहा, संपतचक, पटना ग्रामीण, धनरुआ, दनियावां और फुलवारी प्रखंड के क्षेत्र शामिल हैं।

पहले चरण में 19 गांवों की जमीन पर शहर बसाया जाएगा, जिसमें पुनपुन का इलाका सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। इस कारण पुनपुन के किसान व भूमि-मालिक अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। परियोजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए चुनौती है। विभाग ने जमीन मालिकों व नागरिकों से 30 सितंबर तक [email protected] पर सुझाव या आपत्ति मांगी है। इन सुझावों के मिलने के बाद विभाग मंथन करेगा, फिर आगे की रणनीति तय होगी।

दो शहरी क्षेत्र होंगे शामिल : पाटलिपुत्र टाउनशिप में विशेष क्षेत्र के अंतर्गत 2 शहरी क्षेत्र भी शामिल हैं। नौबतपुर नगर पंचायत को आंशिक तौर पर शामिल किया जाएगा। जबकि पुनपुन नगर पंचायत पूर्ण बसाहट क्षेत्र में रहेगी। पाटलिपुत्र टाउनशिप का प्रस्तावित क्षेत्रफल 81,730 एकड़ है। 3,008 एकड़ का कोर एरिया है, जिसमें पुनपुन प्रखंड के 19 गांव हैं। इस टाउनशिप के विकास में विकास योजना, भूमि उपयोग योजना और टाउन प्लानिंग स्कीम महत्वपूर्ण आधार होंगे।

66.10 लाख लोगों के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा

पाटलिपुत्र टाउनशिप को आने वाले 20 वर्षों को ध्यान में रखकर बसाया जाएगा, जिसमें 66.10 लाख लोगों के रहने का इंतजाम होगा। इस टाउनशिप को 15 मिनट नेबरहुड के सिद्धांत पर विकसित किया जाएगा। मतलब कि स्कूल, अस्पताल, पार्क और बाजार जैसी जरूरी सुविधाएं लोगों के घर से 15 मिनट की पैदल या साइकिल दूरी पर उपलब्ध होंगी।

टाउनशिप की मुख्य बातें

क्षेत्रफल : विशेष क्षेत्र 81,730 एकड़ और कोर क्षेत्र 3008 एकड़।

खासियत : इसे बिहटा-सरमेरा (रिंग रोड) और जट डुमरी रेलवे जंक्शन के पास विकसित किया जाएगा। यह पुनपुन नदी की सीमा, पटना-गया-डोभी रोड, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित फिनटेक सिटी, स्पोर्ट्स सिटी और न्यायिक अकादमी के करीब होगा।

मुख्य स्थानों से दूरी : इस कोर क्षेत्र की दूरी शहर की मुख्य सीमा से 13 किलोमीटर, सीबीडी (मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स) से 21 किमी, पटना रेलवे स्टेशन से 20 किलोमीटर और पटना एयरपोर्ट से 24 किलोमीटर होगी।

प्रोजेक्ट की जानकारी दी जाएगी :

टाउनशिप को लेकर किसानों व जमीन मालिकों के विरोध के बाद विभाग ने हित धारकों के साथ संवाद का कार्यक्रम तैयार किया है। किसानों एवं भू-स्वामियों के बीच जाकर उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। विशेष रूप से जिन भू-स्वामियों की भूमि योजना के दायरे में आ रही है, उनसे प्रत्यक्ष संवाद एवं विमर्श किया जाएगा, ताकि उनकी बातों को समझते हुए उनकी सहभागिता और सहमति से योजना को आगे बढ़ाया जा सके।

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