Pratappur Assembly Caste Equations: प्रतापपुर के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी गणित

Published on 17 सित॰ 2026

Pratappur Assembly Caste Equations में यादव मतदाता सबसे बड़े सामाजिक समूहों में गिने जाते हैं। इनके साथ अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और दूसरे OBC-सामाजिक समूह प्रतापपुर के चुनावी संतुलन को प्रभावित करते हैं। पुराने सीट-स्तरीय आकलन में यादव करीब 1.20 लाख, दलित 70 हजार और ब्राह्मण लगभग 60 हजार बताए गए थे। ये पुराने संकेतात्मक आंकड़े हैं; 2026 की अंतिम मतदाता सूची में प्रतापपुर का वास्तविक वोटर बेस अब 3,57,050 है।

प्रतापपुर विधानसभा संख्या 257 है। यह सामान्य श्रेणी की सीट है और भदोही लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मौजूदा विधायक समाजवादी पार्टी की विजमा यादव हैं, जिन्हें 2022 में 91,142 वोट मिले थे। उन्होंने अपना दल (सोनेलाल) के राकेश धर त्रिपाठी को 10,956 वोट से हराया था। विधानसभा के मौजूदा आधिकारिक रिकॉर्ड में विजमा यादव SP विधायक के रूप में दर्ज हैं।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

प्रयागराज जिले के   प्रतापपुर विधानसभा के 2007 से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

प्रतापपुर विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभाप्रतापपुर
विधानसभा संख्या257
जिलाप्रयागराज
लोकसभा क्षेत्रभदोही
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकविजमा यादव
पार्टीसमाजवादी पार्टी
2026 अंतिम मतदाता3,57,050
अक्टूबर 2025 का वोटर बेस4,11,136
SIR में शुद्ध कमी54,086
कमी13.16%
2022 विजेताविजमा यादव, SP
2022 उपविजेताराकेश धर त्रिपाठी, AD(S)
2022 जीत का अंतर10,956 वोट
2024 लोकसभा खंड में TMC वोट93,188
2024 BJP वोट85,330
2024 BSP वोट26,610
2024 TMC की BJP पर बढ़त7,858 वोट
प्रमुख पुराने सामाजिक संकेतयादव, SC, ब्राह्मण, अन्य OBC-सामाजिक समूह

2026 की अंतिम सूची में प्रयागराज जिले के कुल 38,65,975 मतदाताओं में प्रतापपुर के 3,57,050 वोटर हैं। अक्टूबर 2025 की सूची की तुलना में यहां 54,086 नामों की शुद्ध कमी दर्ज हुई।

Pratappur Assembly Caste Equations: यादव वोट सबसे बड़ी सामाजिक धुरी

Pratappur Assembly Caste Equations का सबसे स्पष्ट पहलू यादव मतदाताओं की बड़ी मौजूदगी है। पुराने चुनावी आकलन में यहां लगभग 1.20 लाख यादव वोटर बताए गए थे। उसी आकलन में दलित करीब 70 हजार, ब्राह्मण करीब 60 हजार और अन्य समुदाय लगभग 50 हजार बताए गए। पुराने समय में विधानसभा का कुल मतदाता आधार करीब 3.75 लाख माना गया था।

मौजूदा विधायक विजमा यादव की सामाजिक पहचान भी विधानसभा रिकॉर्ड में पिछड़ा वर्ग—यादव दर्ज है। वे 2022 में चौथी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुई थीं।

इसके बावजूद 2022 में मिले उनके 91 हजार से अधिक वोटों को किसी एक जाति के वोट के बराबर मानना उचित नहीं होगा। मतदान गोपनीय है और जातिवार वोट ट्रांसफर का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं होता।

प्रतापपुर विधानसभा का संकेतात्मक जातिगत समीकरण

जाति/समुदायपुराना संकेतात्मक अनुमान
यादवकरीब 1,20,000
अनुसूचित जाति / दलितकरीब 70,000
ब्राह्मणकरीब 60,000
अन्य समुदायकरीब 50,000
2026 आधिकारिक कुल मतदाता3,57,050

ये आंकड़े 2026 की आधिकारिक जाति-वार मतदाता सूची नहीं हैं। ये पुराने चुनावी आकलन हैं और इनमें सभी सामाजिक समूह अलग-अलग विस्तार से दर्ज नहीं किए गए थे। इसलिए इन संख्याओं को जोड़कर वर्तमान सामाजिक संरचना निकालना या 2026 की मतदाता संख्या के अनुपात में घटाना उचित नहीं होगा।

निर्वाचन नामावली जाति के आधार पर प्रकाशित नहीं होती। इसलिए प्रतापपुर के मौजूदा जातिगत समीकरण को पुराने सामाजिक अनुमानों, उम्मीदवारों और पिछले चुनावी व्यवहार के संदर्भ में ही समझा जा सकता है।

प्रतापपुर वोटर लिस्ट 2026: 3,57,050 मतदाता

2027 से पहले प्रतापपुर के चुनावी आधार में सबसे बड़ा दस्तावेज़ित बदलाव मतदाता सूची में हुआ है।

मतदाता सूचीसंख्या
27 अक्टूबर 20254,11,136
10 अप्रैल 2026 की अंतिम सूची3,57,050
शुद्ध कमी54,086
कमी13.16%

प्रयागराज में SIR के बाद प्रतापपुर में मतदाता संख्या 4.11 लाख से घटकर 3.57 लाख रह गई। जिले की अंतिम सूची में प्रतापपुर कुल मतदाताओं की संख्या के लिहाज से बड़े विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है।

54 हजार से अधिक मतदाताओं का यह बदलाव 2022 के 10,956 वोट के जीत अंतर और 2024 के लोकसभा-खंड में दर्ज 7,858 वोट के अंतर—दोनों से काफी बड़ा है।

हालांकि इस आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि कम हुए नाम किस जाति या राजनीतिक दल से जुड़े थे। ऐसी कोई आधिकारिक जातिवार या पार्टी-वार जानकारी उपलब्ध नहीं है।

यादव, दलित और ब्राह्मण वोट का संयुक्त असर

पुराने सामाजिक आकलन में यादव मतदाता प्रतापपुर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत समूह दिखाई देते हैं। दूसरी तरफ करीब 70 हजार के पुराने अनुमान वाला दलित आधार और करीब 60 हजार के पुराने अनुमान वाला ब्राह्मण वोट भी चुनावी मुकाबले में पर्याप्त वजन रखता है।

पिछले चुनावों का इतिहास भी बताता है कि केवल किसी एक समुदाय का समर्थन पर्याप्त नहीं रहा। 2012 में SP, 2017 में BSP और 2022 में फिर SP ने सीट जीती। तीनों चुनावों में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले दलों को भी बड़ी संख्या में वोट मिले।

इसलिए प्रतापपुर के जातिगत समीकरण को केवल “यादव बहुल सीट” कहकर समझना अधूरा होगा। दलित, ब्राह्मण, OBC और अन्य स्थानीय सामाजिक समूहों का बंटवारा भी जीत के अंतर को प्रभावित करता है।

प्रतापपुर विधानसभा चुनाव 2022: SP की 10,956 वोट से जीत

2022 में SP की विजमा यादव को 91,142 वोट, यानी 40.09 प्रतिशत वोट मिले। अपना दल (सोनेलाल) के राकेश धर त्रिपाठी को 80,186 वोट और BSP के घनश्याम पांडेय को 34,912 वोट मिले। जीत का अंतर 10,956 वोट रहा।

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट शेयर
विजमा यादवSP91,14240.09%
राकेश धर त्रिपाठीAD(S)80,18635.27%
घनश्याम पांडेयBSP34,91215.36%
मंजू मौर्यजन अधिकार पार्टी3,1061.37%
संजय तिवारीकांग्रेस2,9711.31%
NOTA6540.29%
SP की जीत10,956

2022 में SP और NDA सहयोगी के बीच वोट शेयर का अंतर करीब 4.8 प्रतिशत अंक था। BSP का लगभग 15 प्रतिशत वोट भी मुख्य मुकाबले से अलग रहा।

2012 से 2022 तक कैसे बदली प्रतापपुर की राजनीति?

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012विजमा यादवSP62,58212,808
2017मोहम्मद मुज्तबा सिद्दीकीBSP66,8052,654
2022विजमा यादवSP91,14210,956

2012 में विजमा यादव ने BSP उम्मीदवार को 12,808 वोट से हराया था। 2017 में BSP ने सिर्फ 2,654 वोट के अंतर से सीट जीती। 2022 में SP ने फिर सीट हासिल की।

तीन चुनावों में दो अलग दल विजयी रहे और जीत का अंतर भी काफी बदलता रहा। इससे उम्मीदवार, गठबंधन और तीसरे दल के वोट की भूमिका स्पष्ट होती है।

2017 में सिर्फ 2,654 वोट से जीती थी BSP

2017 में BSP के मोहम्मद मुज्तबा सिद्दीकी को 66,805 वोट मिले। अपना दल (सोनेलाल) के कारन सिंह को 64,151 और SP की विजमा यादव को 51,645 वोट मिले।

2017 प्रत्याशीपार्टीवोट
मोहम्मद मुज्तबा सिद्दीकीBSP66,805
कारन सिंहAD(S)64,151
विजमा यादवSP51,645
BSP की जीत2,654

इस चुनाव में तीन प्रमुख प्रत्याशियों के बीच वोट अपेक्षाकृत अधिक बंटे थे। 2017 का छोटा अंतर यह भी दिखाता है कि प्रतापपुर में तीसरे स्थान का वोट मुख्य मुकाबले से अलग रहते हुए भी अंतिम परिणाम के संदर्भ को प्रभावित करता है।

2012 में विजमा यादव को मिले थे 62,582 वोट

2012 विधानसभा चुनाव में SP की विजमा यादव को 62,582 वोट मिले थे। BSP के मोहम्मद मुज्तबा सिद्दीकी को 49,774, कांग्रेस के श्याम सूरत उपाध्याय को 24,990 और अपना दल के दुर्विजय सिंह पटेल को 22,808 वोट मिले।

2012 प्रत्याशीपार्टीवोट
विजमा यादवSP62,582
मोहम्मद मुज्तबा सिद्दीकीBSP49,774
श्याम सूरत उपाध्यायकांग्रेस24,990
दुर्विजय सिंह पटेलअपना दल22,808
SP की जीत12,808

2012 में कांग्रेस और अपना दल दोनों ने उल्लेखनीय वोट लिए थे। बाद के चुनावों में इन दलों और गठबंधनों की भूमिका बदलने से वोट वितरण भी बदला।

2024 लोकसभा चुनाव में प्रतापपुर विधानसभा खंड का रुझान

प्रतापपुर भदोही लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2024 में BJP के डॉ. विनोद कुमार बिंद, TMC के ललितेशपति त्रिपाठी और BSP के हरिशंकर प्रमुख प्रत्याशी थे। विपक्षी गठबंधन में TMC प्रत्याशी को SP और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था।

आधिकारिक विधानसभा-खंड गणना के अनुसार प्रतापपुर में ललितेशपति त्रिपाठी को 93,188 वोट, BJP के डॉ. विनोद कुमार बिंद को 85,330 वोट और BSP के हरिशंकर को 26,610 वोट मिले। विपक्षी गठबंधन समर्थित TMC प्रत्याशी की BJP पर बढ़त 7,858 वोट रही।

2024 लोकसभा: प्रतापपुर विधानसभा खंडवोटअनुमानित वोट शेयर
TMC93,188करीब 43.63%
BJP85,330करीब 39.95%
BSP26,610करीब 12.46%
TMC की BJP पर बढ़त7,858

पूरे भदोही लोकसभा क्षेत्र में BJP ने चुनाव जीता, जबकि प्रतापपुर विधानसभा खंड में BJP से अधिक वोट विपक्षी गठबंधन समर्थित प्रत्याशी को मिले।

यह विधानसभा चुनाव का परिणाम नहीं था। संसदीय उम्मीदवार, गठबंधन और मतदान का संदर्भ अलग होने के कारण इस आंकड़े से 2027 का नतीजा निर्धारित नहीं किया जा सकता।

2019 और 2024 के लोकसभा-खंड आंकड़े क्या बताते हैं?

2019 लोकसभा चुनाव में प्रतापपुर विधानसभा खंड में BSP उम्मीदवार को 95,351 वोट और BJP को 94,794 वोट मिले थे। अंतर सिर्फ 557 वोट था।

2024 में विपक्षी गठबंधन समर्थित TMC प्रत्याशी को 93,188 और BJP को 85,330 वोट मिले।

लोकसभा चुनावप्रमुख विपक्षी प्रत्याशीविपक्षी वोटBJP वोटअंतर
2019BSP95,35194,794BSP +557
2024TMC93,18885,330TMC +7,858

दोनों संसदीय चुनावों में उम्मीदवार और गठबंधन अलग थे। इसलिए इसे एक समान वोट बैंक का सीधा ट्रेंड नहीं माना जा सकता। इतना जरूर दर्ज होता है कि प्रतापपुर खंड में दोनों चुनावों में BJP और उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के बीच प्रतिस्पर्धा रही।

BSP के वोट की भूमिका

प्रतापपुर में BSP का पुराना रिकॉर्ड महत्वपूर्ण है। पार्टी ने 2017 विधानसभा चुनाव जीता था और उस समय उसे 66,805 वोट मिले। 2022 में BSP का वोट घटकर 34,912 रह गया। 2024 लोकसभा खंड में BSP प्रत्याशी को 26,610 वोट मिले।

चुनावBSP वोट
विधानसभा 201766,805
विधानसभा 202234,912
लोकसभा 202426,610

इन चुनावों की प्रकृति अलग है, इसलिए इन्हें एक सीधी वोट-ट्रांसफर श्रृंखला नहीं माना जा सकता। फिर भी BSP द्वारा हासिल वोट का आकार मुख्य मुकाबले के कुल गणित में महत्वपूर्ण रहता है।

2026 की नई वोटर लिस्ट क्यों महत्वपूर्ण है?

2026 की सूची में प्रतापपुर से 54,086 मतदाता कम हुए हैं। यह बदलाव हाल के चुनावी जीत-अंतर की तुलना में काफी बड़ा है।

तुलनासंख्या
SIR में शुद्ध मतदाता कमी54,086
2022 विधानसभा जीत का अंतर10,956
2024 लोकसभा खंड का प्रमुख अंतर7,858
2017 विधानसभा जीत का अंतर2,654

नई सूची का मतलब यह नहीं कि किसी खास राजनीतिक पक्ष का वोट स्वतः घटा या बढ़ा है। यह केवल इतना बताती है कि 2027 में मतदाता आधार 2022 या अक्टूबर 2025 की सूची जैसा नहीं रहेगा।

पुराने जातिगत समीकरण भी अब 4.11 लाख वोटरों के आधार पर सीधे लागू नहीं किए जा सकते। किसी भी जाति का 2026 का सटीक वोटर आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

2027 से पहले प्रतापपुर की चुनावी तस्वीर क्या बताती है?

प्रतापपुर के हालिया रिकॉर्ड में अलग-अलग चुनावों में अलग परिस्थितियां दिखाई देती हैं। SP ने 2012 और 2022 विधानसभा चुनाव जीते, जबकि BSP ने 2017 में सीट हासिल की। 2024 लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन समर्थित TMC प्रत्याशी ने इस विधानसभा खंड में BJP से 7,858 अधिक वोट हासिल किए।

2027 के लिए कुछ तथ्य विशेष रूप से प्रासंगिक रहेंगे: यादव मतदाताओं का पुराना बड़ा सामाजिक आधार, दलित और ब्राह्मण वोट का वितरण, NDA सहयोगी दलों की भूमिका, BSP के वोट का आकार, उम्मीदवार चयन और 2026 की नई मतदाता सूची।

इनमें से किसी एक संकेत से चुनावी परिणाम तय नहीं होता। खास तौर पर 2024 लोकसभा-खंड परिणाम को विधानसभा चुनाव का सीधा पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

2027 में किन फैक्टरों पर रहेगी नजर?

चुनावी फैक्टरचुनावी संदर्भ
यादव वोटपुराने आकलन में सबसे बड़ा व्यक्तिगत सामाजिक समूह
SC / दलित वोटबड़ा सामाजिक आधार; विभिन्न दलों के बीच प्रतिस्पर्धा
ब्राह्मण वोटपुराने अनुमान में महत्वपूर्ण संख्या
अन्य OBC समूहव्यापक बहुजातीय गठजोड़ में भूमिका
मौजूदा विधायकविजमा यादव चौथी बार निर्वाचित विधायक
BSP का वोट2017 की जीत के बाद हालिया चुनावों में बदला आकार
NDA सहयोगी2022 में AD(S) दूसरे स्थान पर थी
2024 लोकसभा खंडविपक्षी गठबंधन समर्थित TMC प्रत्याशी की बढ़त
2026 मतदाता सूची54,086 मतदाताओं की शुद्ध कमी
प्रत्याशी चयनस्थानीय और सामाजिक समर्थन के वितरण पर असर

प्रतापपुर विधानसभा के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी निष्कर्ष

प्रतापपुर विधानसभा के जातिगत समीकरण में यादव मतदाता सबसे प्रमुख सामाजिक समूहों में माने जाते हैं। पुराने आकलन में यादव करीब 1.20 लाख, दलित 70 हजार और ब्राह्मण करीब 60 हजार बताए गए थे। इन्हें 2026 की आधिकारिक जातिवार मतदाता संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

2026 की अंतिम सूची में प्रतापपुर का वास्तविक मतदाता आधार 3,57,050 है। अक्टूबर 2025 की तुलना में 54,086 वोटरों की कमी, यानी 13.16 प्रतिशत बदलाव दर्ज हुआ है।

चुनावी इतिहास में 2012 में SP, 2017 में BSP और 2022 में फिर SP ने सीट जीती। 2022 में विजमा यादव की जीत का अंतर 10,956 वोट था। 2024 लोकसभा चुनाव में प्रतापपुर खंड से विपक्षी गठबंधन समर्थित TMC उम्मीदवार को BJP से 7,858 वोट अधिक मिले।

इसलिए 2027 में प्रतापपुर का चुनावी गणित केवल यादव वोट की संख्या से तय नहीं होगा। दलित और ब्राह्मण वोट का वितरण, अन्य OBC समूहों की दिशा, BSP का प्रदर्शन, NDA और विपक्षी गठबंधनों की संरचना, उम्मीदवारों की स्थानीय पकड़ तथा 2026 की नई मतदाता सूची मिलकर मुकाबले का स्वरूप तय करेंगे।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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