पवन सिंह पर कोर्ट ने 1 हजार का जुर्माना लगाया: पत्नी के केस में बलिया नहीं पहुंचे, जज बोले- अगली बार आना ही होगा - Ballia News
Published on 5 अक्टू॰ 2026
पुष्पेंद्र कुमार तिवारी | बलिया2 घंटे पहले
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भोजपुरी एक्टर पवन सिंह पर बलिया की कोर्ट ने 1 हजार का जुर्माना लगाया है। वह सोमवार को पत्नी के भरण-पोषण केस में तारीख पर नहीं पहुंचे। पवन सिंह के वकील ने उनकी मां की तबीयत सही न होने का हवाला दिया।
बलिया कोर्ट ने पवन सिंह को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम मौका दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। वहीं, कोर्ट ने समय पर सबूत न देने के मामले में पवन सिंह की पत्नी ज्योति पर भी 500 रुपए का हर्जाना लगाया।
पवन सिंह की पत्नी ज्योति 9 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में भी कोर्ट पहुंची थीं। जबकि, पवन सिंह के न आने पर कोर्ट ने 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने बातचीत में कहा- मेरे पिता की तबीयत खराब रहती है। मुझे बार-बार कोर्ट आने में परेशानी होती है।
पवन सिंह के बाद पत्नी ज्योति ने डाली अर्जी
ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल, 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण के लिए याचिका दाखिल की थी। इसके बाद से मामले की सुनवाई चल रही है। दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने के लिए कोर्ट ने काउंसलिंग भी कराई, लेकिन मामला नहीं सुलझा।
पवन सिंह ने बिहार के आरा कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद ज्योति सिंह ने बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका दाखिल की। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
ज्योति बोलीं- पवन बार-बार बुलाने पर भी कोर्ट नहीं आते
सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने बातचीत में कहा- पवन सिंह को बार-बार कोर्ट बुलाया जाता है, लेकिन वह पेश नहीं होते। इससे मुझे काफी परेशानी होती है। मेरे पिता की तबीयत भी ठीक नहीं है। मैं खुद भी बलिया में नहीं रहती हैं। हर तारीख पर उन्हें बाहर से बलिया आना पड़ता है।
ज्योति ने कहा, "मैं हर डेट पर बार-बार आती हूं। वो चार साल से यहां पर नहीं आए हैं, एक भी डेट पर नहीं आते हैं। ज्योति ने कहा कि अब कोर्ट से ही न्याय मिल सकता है। कानूनी प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।
पवन सिंह ने ज्योति से यूपी के बलिया में 6 मार्च, 2018 को शादी की थी। फाइल फोटो।
ज्योति ने कहा- मेरे पास तो पवन सिंह का पर्सनल नंबर तक नहीं
पवन सिंह की मां की तबीयत खराब होने की जानकारी पर ज्योति ने कहा- इसके बारे में सोशल मीडिया से पता चला। उन्होंने पवन सिंह के नंबर पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उनके पास पवन सिंह का पर्सनल मोबाइल नंबर भी नहीं है।
ज्योति ने अपने भाई को सास की तबीयत की जानकारी लेने के लिए भेजा था। भाई से मिली जानकारी के अनुसार, उनकी सास अब ठीक हैं। वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आ गई हैं। ज्योति सिंह ने बताया कि पवन सिंह से उनकी आखिरी बातचीत लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी। चुनाव प्रचार के समय दोनों के बीच बातचीत हुई थी।
9 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में भी ज्योति सिंह अदालत में मौजूद थीं, जबकि पवन सिंह पेश नहीं हुए थे। तब भी कोर्ट ने 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था
अब पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक का पूरा केस जानिए…
ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। दरअसल, पवन सिंह की पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी। शादी के एक साल बाद ही नीलम ने सुसाइड कर लिया था। इसके 3 साल बाद 6 मार्च 2018 को पवन सिंह ने ज्योति से यूपी के बलिया में शादी की। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों के रिश्तों में खटपट शुरू हो गई।
ज्योति ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न तथा दो बार गर्भपात करवाने का आरोप लगाया। पवन सिंह ने इन आरोपों को खारिज किया। अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। 11 फरवरी को सुलह की कोशिश के लिए कोर्ट में दोनों को हाजिर होना था, लेकिन पवन सिंह तबीयत खराब होने के कारण उपस्थित नहीं हुए।
2024 लोकसभा चुनाव में जब पवन सिंह काराकाट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे तो ज्योति ने उनके लिए प्रचार किया। तब खबरें आई कि दोनों में सुलह हो गई है। हालांकि, चुनाव नतीजे आने के बाद दोनों के अलगाव की खबरें आने लगी। वैसे ज्योति बार-बार साथ रहने की अपील करतीं हैं।
ज्योति ने पवन सिंह से 10 करोड़ एलिमनी की मांग की है
ज्योति सिंह के वकील ने बताया था कि 'ज्योति सिंह ने जज से इंसाफ मांगा है। उन्होंने कहा है कि अगर पवन सिंह नहीं रखना चाहते तो मुझे 10 करोड़ रुपए और एक मकान एलिमनी (गुजारा भत्ता) के तौर पर दें।’
अब जानिए, एलिमनी होती क्या है…
जब एक व्यक्ति दूसरे को खाना, कपड़ा, घर, एजुकेशन और मेडिकल जैसी बेसिक जरूरत की चीजों के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट करता है तो उसे मेंटेनेंस (एलिमनी) यानी गुजारा भत्ता कहते हैं।
हिंदू मैरेज एक्ट 1955 के तहत 2 तरह की एलिमनी (गुजारा भत्ता) होती है।
अंतरिम गुजारा भत्ता: जब तक कोर्ट की कार्यवाही चल रही होती है और शुरुआत में खर्चा करने के लिए पैसा नहीं है। तब सेक्शन 24 के तहत कोर्ट का फैसला आने तक शिकायतकर्ता को गुजारा भत्ता मिलता रहता है।
परमानेंट गुजारा भत्ता: सेक्शन 25 के तहत तलाक के बाद मिलने वाली एलिमनी परमानेंट भत्ता कहलाती है। इस मेंटेनेंस में स्त्रीधन शामिल नहीं होता, उस पर सिर्फ पत्नी का अधिकार होता है।
भत्ता कितना होगा यह पति की आय, संपत्ति, जिम्मेदारियां आदि को देखते हुए कोर्ट तय करता है।
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