साइबर ठगी का नया पैंतरा: वॉट्सएप पर फर्जी बैंकिंग ट्रांजैक्शन मैसेज भेजकर डरा रहे अपराधी, YES/NO’ वाले संदेशों से रहें पूरी तरह सावधान - Up18 News

Published on 24 सित॰ 2026

राजधानी लखनऊ में आम नागरिकों को अपने जाल में फंसाने के लिए साइबर ठगों ने अब एक नया और खतरनाक हथकंडा अपनाया है। ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले अपराधी अब वॉट्सएप के माध्यम से बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े फर्जी संदेश भेजकर लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी नए तरीके के बढ़ते मामलों को देखते हुए लखनऊ क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन डिजिटल कवच’ के तहत नागरिकों को इसके प्रति सचेत और जागरूक करना शुरू कर दिया है।

डर का फायदा उठाकर जाल में फंसाते हैं ठग

इस नए फर्जीवाड़े के बारे में जानकारी देते हुए एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि ये शातिर साइबर अपराधी बैंक के आधिकारिक प्रारूप जैसे लगने वाले फर्जी मैसेज भेजते हैं। इस संदेश के जरिए पीड़ित को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया जाता है कि उसके बैंक खाते से एक बहुत बड़ी रकम कट (डेबिट) चुकी है। मैसेज में आगे यह भी लिखा होता है कि यदि यह लेन-देन (ट्रांजैक्शन) उस व्यक्ति ने खुद नहीं किया है, तो वह फौरन इसके जवाब में ‘NO’ लिखकर भेजे।

अचानक खाते से बड़ा अमाउंट कटने की झूठी खबर पढ़कर जब आम इंसान घबरा जाता है और डर के मारे ‘NO’ लिखकर जवाब देता है, तो ठग उस कमजोरी का फायदा उठाते हैं। इसके बाद वे पीड़ित को कोई संदिग्ध लिंक, हानिकारक APK फाइल या अन्य तकनीकी माध्यम भेजकर उसके मोबाइल का एक्सेस लेने और उसकी गोपनीय बैंकिंग जानकारियां चुराने की कोशिश करते हैं।

क्राइम ब्रांच की जनता से खास अपील और सावधानियां

इस तरह के फ्रॉड से निपटने के लिए क्राइम ब्रांच ने आम जनता के नाम एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की गई है:

किसी भी अनजान नंबर से वॉट्सएप पर आने वाले बैंकिंग ट्रांजैक्शन अलर्ट या मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा बिल्कुल न करें।

वॉट्सएप पर मिलने वाले किसी भी संदिग्ध ‘YES’ या ‘NO’ वाले मैसेज का रिप्लाई देने से पूरी तरह बचें।

​किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, APK फाइल, सॉफ्टवेयर या अन्य अटैचमेंट को न तो खोलें और न ही अपने फोन में डाउनलोड करें।

आपके बैंक खाते से असल में कोई पैसा कटा है या नहीं, इसकी सत्यता जांचने के लिए केवल बैंक की आधिकारिक मोबाइल ऐप या उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर खुद लॉगिन करें।

अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN), एटीएम पिन (ATM PIN), सीवीवी (CVV) या अन्य कोई भी निजी बैंकिंग डिटेल्स भूलकर भी किसी के साथ शेयर न करें।

​गलती होने पर तुरंत उठाएं ये कदम

​पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि यदि अनजाने में या गलती से आपके मोबाइल फोन में कोई संदिग्ध एप्लिकेशन या एपीके फाइल इंस्टॉल हो गई है, तो घबराएं नहीं बल्कि फौरन जरूरी सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अपने बैंक को इसकी सूचना दें। इसके अलावा, यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) हो जाती है, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

एडीसीपी क्राइम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘ऑपरेशन डिजिटल कवच’ अभियान के तहत क्राइम ब्रांच लगातार साइबर ठगी के नए-नए तौर-तरीकों का पता लगा रही है और उनकी जानकारी आम जनता तक पहुंचा रही है। पुलिस विभाग ने नागरिकों से यह पुरजोर अपील की है कि वे हर समय सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आस-पड़ोस के लोगों को भी इस तरह के साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करें।