गारंटीड रिटर्न का झांसा पड़ सकता है भारी: WhatsApp ग्रुप और फर्जी ऐप्स से रहें सावधान, राजस्थान पुलिस की सख्त चेतावनी Lure of guaranteed returns could prove costly: Beware of WhatsApp groups and fake apps – Rajasthan Police issues stern warning.

Published on 18 जुल॰ 2026

गारंटीड रिटर्न का झांसा पड़ सकता है भारी: WhatsApp ग्रुप और फर्जी ऐप्स से रहें सावधान, राजस्थान पुलिस की सख्त चेतावनी

अगर आपको भी WhatsApp या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'घर बैठे लाखों कमाने' या 'गारंटीड रिटर्न' का लालच देने वाले मैसेज मिल रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी आजकल निवेश के नाम पर फर्जी ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप का जाल बिछा रहे हैं, जिसमें फंसकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बताया है कि कैसे ये ठग आपकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं।

ऐसे काम करता है फर्जी निवेश का साइबर जाल

साइबर अपराधी सबसे पहले लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ते हैं, जहाँ वे खुद को एक्सपर्ट बताकर शेयर बाजार, क्रिप्टो या किसी अज्ञात स्कीम में निवेश करने पर भारी मुनाफे का दावा करते हैं। शुरुआत में ये ठग छोटा निवेश करवाकर थोड़ा रिटर्न देते हैं ताकि विश्वास जीत सकें, लेकिन जैसे ही आप बड़ी रकम निवेश करते हैं, ये आपका पैसा लेकर गायब हो जाते हैं। इन गिरोहों द्वारा बनाए गए फर्जी ऐप्स दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, लेकिन इनका एकमात्र उद्देश्य आपका पैसा हड़पना होता है। पुलिस के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या किसी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करना आपकी वित्तीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।

पुलिस की सलाह: इन संकेतों को पहचानें और सुरक्षित रहें

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वैध निवेश योजना कभी भी व्हाट्सएप पर इस तरह के अनचाहे मैसेज नहीं भेजती। पुलिस की एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर कोई ऐप आपको बहुत कम समय में दोगुना या तिगुना रिटर्न देने का वादा कर रहा है, तो समझ लीजिए कि यह एक स्कैम है। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें और केवल सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। अनजान व्यक्ति के खाते में कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें और न ही किसी भी अज्ञात निवेश ग्रुप में शामिल हों।

डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा है जरूरी

ऑनलाइन निवेश का चलन बढ़ने के साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'लालच' ही ठगों का सबसे बड़ा हथियार है। स्मार्ट निवेश वही है जो पूरी जानकारी और सावधानी के साथ किया जाए। अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी भी अनवेरिफाइड सोर्स के साथ साझा न करें। राजस्थान पुलिस का यह कदम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की एक कोशिश है, ताकि आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई को इन शातिर अपराधियों से बचा सके। याद रखें, सावधानी ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।